ललितपुर समाचार, 15 सितंबर,2015 दैनिक सरोकार की मीडिया
सत्य आचरण का बोध कराने वाला महान
ग्रंथ समयसार: आर्यिका श्री
ललितपुर। मन की प्यास अतृप्त है कम नहीं होती
जीव की प्यास बुझाने के लिए तो वस्तुए जहां-तहां मिल जाती है। मन की प्यास के लिए
जीवन निकल जाता है लेकिन बुझती नहीं। तृष्णा और वासना ही मन की प्यास है इनका न तो
बुढापा आता है और न ही बुझती हैं जितना तुष्ट करो उतना वढती जाती है और सदा जवान
रहती है। उन्होने कहा कि जो विवादों में जीता वह संसारी है और जो विकारों को जीतता
है वह सन्यासी है।
आर्यिकाश्री पूर्णमति माताजी ने कहा कि
विकार की कार में बैठकर संसारी संसार में भटकता है जवकि विकारों को जीतने वाला
सन्यासी होता है। उन्होंने समयसार ग्रंथ को महान बताते हुए कहा जिसने जीवन में
सत्य और आचरण का बोध कराया वह महानग्रंथ है। गुरू के प्रति समर्पण की भावना बताते
हुए कहा कि गुरू से ही प्रभु की वाणी मिलती है और वही हमें सन्मार्ग की ओर ले जाकर
जीवन को संस्कारित बनाती है।धर्मसभा के शुभारम्भ में आचार्य श्री के चित्र का
अनावरण एवं दीप प्रज्जवलन शान्तिनाथ दि.जैन अतिशय क्षेत्र सेरोनजी के वरिष्ठ
उपाध्यक्ष शीलचंद अनौरा मंत्री, गुलाबचंद
सेरोन, अरविन्द, मुकेश जैन, राजकुमार जैन ने किया। मंगलाचरण
सेवानिवृत्त पुलिस इन्सपेक्टर अनिल रावत ने क आचार्यश्री विद्यासागर के चरणों में
भक्तिपूर्वक नमन करते हुए कहा जो भी सुनेगा ध्यान लगाकर भवसागर तर जाएगा। इस दौरान
आगन्तुक अतिथि राकेश मनावर,
अब्बू भैया, राकेश जैन का सम्मान जैन पंचायत की ओर
से चैबयाना क्ष्ेात्र के भरत, संजीव
जैन एवं संतोष जैन किया। सभा का संचालन महामंत्री डा.अक्षय टडैया ने किया।
डिनर विद एसपी
मेधावियों को प्रशस्ती पत्र देकर किया
गया सम्मानित
एसपी व उनकी धर्मपत्नी ने किया
मेधावियों के साथ रात्रिभोज
बच्चों को स्वस्थ्य रहकर राष्ट्र की
नींव मजबूत रखनी होगी : अलीशा अरशद
इस दौरान पीएनबी के बैंक मित्र मनोज
कुमार गुप्ता, धर्मेंद्र, पंकज एवं विकास के सहयोग से आवेदन पत्र
भरवाते हुये आकांक्षा समिति की प्रत्येक सदस्या द्वारा बीमा करवाने वाले अविभावकों
को 201 रूपये प्रदान किये। समाज सेवा की
दृष्टि से आकांक्षा समिति की अध्यक्ष द्वारा यह एक और सराहनीय कार्य रहा। इससे
प्राप्त होने वाले लाभों को समझाते हुये उन्होंने कहा कि यदि कोई दुर्घटनाग्रस्त
हो जाता है तो उसके परिवार को 2
लाख रुपये बैंक द्वारा दिया जायेगा। सरकार की इस प्रकार की योजनाओं द्वारा गरीब
तबके के लोगों को पूरा-पूरा लाभ मिल सके। इसकी पहल समिति द्वारा की जा रही है।
तदोपरान्त स्कूली बच्चों को समिति अध्यक्षा ने फल, स्कूली बैग,
रबर, पेन्सिल, बॉक्स तथा स्टील की थालियां वितरित की
गयीं। सामान पाकर बच्चों ने तालियां बजाते हुये स्वागत किया। समिति की ओर से दन्त
स्वास्थ्य एवं परीक्षण के लिए शिविर लगाया गया। शिविर में बच्चों के दांत व
स्वास्थ्य का परीक्षण कर दवायें वितरण की गयी। कहा कि बच्चों को साफ-सुथरे रहकर
पढ़ाई करनी चाहिए। कहा कि राष्ट्र की नींव मजबूत करने के लिए हमें स्वस्थ्य रहने की
आवश्यकता है। स्वस्थ्य मस्तिष्क स्वस्थ्य शरीर में रहता है। सफाई का पाठ पढ़ाते
हुये उन्होंने बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना की। इस दौरान सचिव डा.जनक किशोरी
शर्मा, कोषाध्यक्ष डा.जयश्री राज, डा.गीतान्जिल, अर्चना अग्रवाल, शान्ति मालवीय, रीना जैन, मधु गुप्ता, संगीता जैन, ज्योति जैन, सिन्धु सिंघई, कमलेश जैन, शाहजहां, सीता पाठक, नीति शर्मा एवं रूबीना आदि मौजूद रहीं।
इस दौरान अग्रणी बैंक प्रबंधक एस.के.मित्तल ने सामाजिक कॉरपोरेट दायित्व के तहत इस
प्रकार के आयोजन आगे भी करने की बात पर बल दिया।
ललितपुर को मिले चैबीस घण्टे बिजली:
आदित्य
एक दिवसीय डेरा डालो घेरा डाला धरना
प्रदर्शन
इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि कम्पनी
द्वारा जो घोषणायें प्लांट निर्माण के पूर्व की थीं, वह उस पर खरी नहीं उतरी है। कहा कि सीएसआर फण्ड के तहत यहां लोगों को
मूल सुविधायें उपलब्ध नहीं करायी जा रही हैं। कहा कि ललितपुर में दिया तले अंधेरा
जैसे हालात बन रहे हैं। कहा कि जिले के बाँधों से पानी लेने के बावजूद भी यहां के
लोगों को बिजली मुहैया नहीं करायी जा रही है। साथ ही ललितपुर के लोगों को रोजगार
के नाम पर भी धता बताया जा रहा है। कहा कि ग्राम उदयपुरा में प्लांट में इस्तेमाल
होने वाला कोयले का भण्डारण किया जा रहा है, जिससे
प्रदूषण फैल रहा है। कांगे्रसियों ने विभिन्न मांगों को जल्द पूरा किये जाने के
साथ-साथ ललितपुर जिले को चैबीसों घण्टे बिजली आपूर्ति किये जाने की मांग को पुरजोर
तरीके से उठाया। इस दौरान अनेकों कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
ईओ ने किया निर्माण कार्यों का औचक
निरीक्षण
गांधीनगर में देखा सड़क निर्माण व
नालियों से जल निकासी
गांधीनगर में लिटिल फ्लावर स्कूल वाली
गली में किये जा रहे सीसी रोड निर्माण का कार्य देखने पहुंचे ईओ के.एन.शर्मा ने
सर्वप्रथम यहां बनायी गयी पुलिया को देखा। यहां लोगों ने बताया कि पुलिया निर्माण
के बावजूद भी गलियों में जो नाली खुली हुई है, उसे
बंद करा दिया जाये, ताकि पुलिया के नीचे से पानी सीधा आगे
की ओर बह जाये और जल भराव की स्थिति से निजात मिल सके। इसके अलावा उन्होंने सड़क
निर्माण कार्य को भी देखा। मौके पर कर्मचारी से ईओ ने सड़क खुदवाकर ऊँचाई की माप
की। साथ ही ठेकेदार को निर्देशित किया कि सड़क पूर्ण गुणवत्तायुक्त व मानकों के
अनुरूप होनी चाहिए। अन्यथा कठोर कार्यवाही की जायेगी। ईओ ने आगे जाकर नाली से हो
रही जल निकासी को भी देखा। इसके लिटिल फ्लावर स्कूल के बगल वाली गली को बंद कर
किये गये निर्माण को देखा। ईओ ने भवन स्वामी से गली को बंद करने का कारण पूछा और
स्वामित्व सम्बन्धित अभिलेख नगर पालिका में प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। साथ ही
नाली की बेहतर निकासी के लिए नाले का चैड़ीकरण कराये जाने के निर्देश जेई विपिन
कुमार को दिये। निरीक्षण के दौरान ईओ के.एन.शर्मा के साथ पार्षद महेन्द्र सिंघई, पार्षद के.के.पंथ, नजूल लिपिक प्रदीप सिंह सौंरयाल, जेई विपिन कुमार, कर लिपिक अभिषेक चैबे, सफाई इंस्पेक्टर आर.के.लवानिया, दिनेश कुमार बिरौनियां के अलावा अन्य
कर्मचारी मौजूद रहे।
जल्द दिलाया जाये किसानों को मुआवजा:
भाकिसं
प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को किसानों
ने भेजा ज्ञापन
हिन्दी राष्ट्र भाषा ही नहीं जनवाणी
है: प्रो.शर्मा
हिन्दी उत्सव पर त्रिदिवसीय कार्यशाला
का शुभारंभ
ललितपुर। श्री दीपचंद्र चैधरी महाविद्यालय के
सभागार में हिन्दी महोत्सव पर कथा, काव्य, नाटक विधाओं में सृजनात्मक, रचनाशीलता के उन्नयन के लिए त्रिदिवसीय
कार्यशाला में सहभागी छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुये अतिथि प्रो.भगवत नारायण
शर्मा ने कहा कि जनभाषा के रूप में समादृत हिन्दी, यदि भारत माता की एक आंख है तो उसकी दूसरी आंख सभी प्रादेशिक भाषाएँ
हैं। परन्तु महादेवी की तरह हमें तीसरी आंख की आवश्यकता है। जिसकी पूर्ति विज्ञान
और प्रौद्योगिकी को धारण करने वाली अंगे्रजी सहित यूरोप की कोई भी भाषा हो सकती
है। राष्ट्रभाषा हिन्दी के पक्षधर स्वामी विवेकानंद, रवीन्द्र नाथ ठाकुर, राष्ट्रपिता
महात्मा गाँधी, सुभाषचन्द्र बोस, राजा गोपालाचार्य, जवाहर लाल नेहरू, डा.राममनोहर लोहिया आदि अंग्रेजी
साहित्य के महान विद्वान थे। किन्तु अंग्रेजियत को गुलामी मानकर उन्होंने
प्राण-प्रण से संघर्ष किया। प्रो.शर्मा ने आगे कहा कि हिन्दी उपभाषाओं और बोलियों
की तादाद तीन हजार है, जो संसार की किसी भी भाषा में नहीं
पायी जाती है। शब्द को ब्रह्म कहा गया है, इसलिए
हिन्दी को भी व्यापक होना चाहिए। भारत में बारहमासी रास, दक्षिण अफ्रीका तथा यूरोपीय देशों के
विश्व विद्यालयों में हिन्दी का पाठन, भारत
की तरह ही हो रहा है क्योंकि संसार की तीसरी सबसे बड़ी भाषा हिन्दी विश्व मैत्री की
ध्वजवाहक है। भारत और यूरोप की भाषाओं में अद्भुत समानता है। यथा, ब्रदर-भ्रातृ, पेअर-पितृ। गोस्वामी तुलसीदास का कहना
था- का भाषा, का संस्कृत, प्रेम चाहिए साँचू, मानव-मानव के समान भाव से प्रेम की डोर, में हिन्दी ने सदा बांधे रखा है। आत्मा
की भाषा तीन लोगों में समान है। दुनिया भर में जैसे उन्माद वश विवेक, रवोना मान बता के लिए अभिशाप है।
उद्योग वाणिज्य में जैसे-जैसे अंग्रेज बढ़ते गये, वैसे-वैसे अंग्रेजी की धाक जमती चली गयी। ऐसे ही हिन्दी वालों की
निर्धनता दूर होते ही हिन्दी की धाक जमते देर नहीं लगेगी। कार्यशाला में प्रबंधक
कमलेश चैधरी, प्राचार्य डा.जे.के.एस.तोमर के अलावा
शिक्षकों में जी.दास, ब्रह्मदत्त पाण्डेय, कामिनी जैन, प्रज्ञा सिसौदिया, एकता शर्मा, मयूरी शर्मा, पुरुषोत्तम सेन, सुमन आदि ने भी अपने विचारों को रखा।
नगर को सुन्दर बनाने में जुटी संस्था
पनारी में वृहद स्तर पर किया गया
वृक्षारोपण

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