सरोकार की मीडिया

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Monday, February 19, 2018

विवाह संस्‍था के नियमों में बदलाव हो

विवाह संस्‍था के नियमों में बदलाव हो

यदि महिलाएं अपने सास-ससुर और पति से परेशान हैं, दहेज व घरेलू हिंसा जैसे कृत्‍यों से प्रताडित होती हैं। तो फिर उनको अपने अधिकारों के लिए लड़ना चाहिए... और अपने घरवालों से मांग करनी चाहिए कि विवाह जैसी संस्‍था में बदलाव करें, या फिर यह बदलाव वह स्‍वयं भी कर सकती हैं कि शादी के बाद लड़की ससुराल नहीं जाएगी...यदि शादी करना है तो लड़के को ससुराल में रहना पड़ेगा। यानि लड़का ससुराल जाएगा, लड़की नहीं..यदि यह बदलाव होता है तो फिर लड़कियां अपने परिजनों के साथ ही रहेगी... और फिर उसके ऊपर लड़का या लड़के के घरवाले अत्‍याचार नहीं कर सकेंगे...दहेज व घरेलू हिंसा से मुक्ति मिल जाएगी.... तो मांग करें और बदलाव करें विवाह जैसी संस्‍थाओं के नियमों में....

ब्लॉग निर्माण

ब्लॉग निर्माण


लिखना हम में से कई लोगों को पसंद होता है| जैसे-जैसे हमारा जीवन अनुभव बढ़ता जाता है वैसे-वैसे हमारे मन में विभिन्न प्रकार की विचार जन्म लेते हैं| कई बार हमें अपनी मन की बात इतनी पसंद आ जाती है कि हम उसे दुनिया को भी बताना चाहते हैं| इसके लिए हमारे पास विभिन्न माध्यमों के विकल्प हैं जिसका प्रयोग करके हम अपनी मन की इच्छा को सभी के सामने प्रस्तुत कर सकते हैं|पहले लोग इस के लिए डायरी का इस्तेमाल करते थे लेकिन उस में मुश्किल यह है कि हम जो भी लिखते हैं वह बस हमारे और डायरी  बीच ही सीमित रह जाता है और उसे सुनाने के लिए किसी को तैयार करना भी एक मुश्किल काम ही होता है|क्योंकि सब की रुचियाँ एक सी नहीं होती| ऐसे में आज के टेक्निकल दौर में अपने विचारों की अभिव्यक्ति और अपनी एक अलग पहचान बनाने के लिए ब्लॉग  से अच्छा और क्या माध्यम हो सकता हैजहाँ आपको अपने ही जैसे लिखने की रूचि वाले कई लोगों से संपर्क का अवसर मिलता है|
ब्लॉगवेब-लॉग का संक्षिप्त रूप हैजो अमरीका में '1997के दौरान इंटरनेट में प्रचलन में आया। प्रारंभ में कुछ ऑनलाइन जर्नल्स के लॉग प्रकाशित किए गए थेजिसमें इन्टरनेट के भिन्न क्षेत्रों में प्रकाशित समाचारजानकारी इत्यादि लिंक होते थेतथा लॉग लिखने वालों की संक्षिप्त टिप्पणियाँ भी उनमें होती थीं। इन्हें ही ब्लॉग कहा जाने लगा। ब्लॉग लिखने वाले,ज़ाहिर हैब्लॉगर कहलाने लगे। प्राय: एक ही विषय से संबंधित आँकड़ों और सूचनाओं का यह संकलन ब्लॉग तेज़ी से लोकप्रिय होता गया। ब्लॉग लिखने वालों के लिए प्रारंभिक दिनों में कंप्यूटर तकनॉलाजी के कुछ विषय मसलन एचटीएमएल भाषा का जानकार होना आवश्यक था। परंतु इसमें संभावनाओं को देखते हुए ब्लॉग लिखने और उसको प्रकाशित करने के लिए कुछ वेबसाइटस ने मुफ़्त और अत्यंत आसान औज़ार उपलब्ध किए जिसमें ब्लॉग लिखने के लिए आपको कंप्यूटर प्रोग्रामिंग भाषाओं का ज्ञान आवश्यक नहीं होता है। इस कारणदेखते ही देखते '1997-98के महज़ दर्जन भर ब्लॉग से बढ़कर दस लाख से अधिक का आँकड़ा पार करने में महज़ चार साल लगे। फिर ब्लॉगविश्व की हर भाषा मेंहर कल्पनीय विषय मैं लिखे जाने लगे। ब्लॉग को विश्व के आम लोगों में भारी लोकप्रियता तब मिली जब अफ़गानिस्तान पर अमरीकी हमले के दौरान एक अमरीकी सैनिक ने अपने नित्यप्रति के युद्ध अनुभव को ब्लॉग पर नियमित प्रकाशित किया। उसी दौरान एंड्रयू सुलिवान के ब्लॉग पृष्ठ पर आठ लाख से अधिक लोगों की उपस्थिति दर्ज की गईजो संबंधित विषयों के कई तत्कालीन प्रतिष्ठित प्रकाशनों से कहीं ज़्यादा थी। एंड्रयू अपने ब्लॉग के मुख पृष्ठ पर लिखते भी हैं - क्रांति ब्लॉग में दर्ज होगीअब तो कुछ ऐसे ब्लॉग भी है जो इतने ज़्यादा लोकप्रिय है कि इनका सिंडिकेशन किया जाता है।
अब सवाल यह पैदा होता है कि क्या हम भी ब्लॉग बना सकते हैं? जी हाँ बिल्कुल वो भी फ्री सेवा में| लेकिन मुश्किल यहाँ आ कर बढ़ जाती है जब हमारे मन में यह सवाल उत्पन्न होने लगता है कि आखिर इस को बनायें कैसे? परेशान होने की आश्यकता नहीं है क्योंकि आगे हम ब्लॉग निर्माण की ही बात करने जा रहे हैं|
सबसे पहली बात कि हम ब्लॉग किस प्लेटफार्म पर बनाएंगे? अगर आप वाकई  अपने विचारोंरचनाओं या टेलेन्ट के प्रदर्शन के लिए ब्लॉगिंग के प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करना चाहते हैं तो महज दस मिनट के भीतर अपना ब्लॉग बना सकते हैं। ऐसे ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म्सकी कमी नहीं है जो सामान्य यूज़र को बहुत आसानी से नया ब्लॉग बनाने और उसे मेन्टेन करने की सुविधा देते हैं। ब्लॉग के लिए न डोमेन नेम दर्ज कराने की जरूरत है और न ही इंटरनेट पर वेब होस्टिंग स्पेस लेने की। इसके लिए बस किसी ब्लोगिंग प्लेटफार्म की आवश्यकता है| इस लिए ज़रूरी समझता हों की कुछ ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म्स की के बारे में भी बताते चलूँ|
ब्लॉगर डॉट कॉम : सबसे लोकप्रिय ब्लॉग प्लेटफार्मों में से एकब्लॉगर भारतीय ब्लॉगरों के लिए रोजमर्रा की बात बन चुकी है। अगर आप गूगल की किसी सेवा का इस्तेमाल करते हैं तो अपने उसी लॉगिन नेम और पासवर्ड से ब्लॉगर पर भी लॉग.इन कर सकते हैं। यहाँ एक से अधिक ब्लॉग बनानेसामूहिक ब्लॉग चलानेआरएसएस फीड्स देखने.पढ़नेहिंदी में टाइप करने जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। डैशबोर्ड के जरिए ब्लॉग एडमिनिस्ट्रेश भी आसान हो जाता है। ब्लॉगर के ब्लॉग गूगल सर्च इंजनों में बेहतर रेटिंग पाते हैं इसलिए उनकी विजिबिलिटी ज्यादा है।
वर्डप्रेस डॉट कॉम : वर्डप्रेस ब्लॉगर की ही तरह ब्लॉगों के संचालन का बेहतरीन प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराता है। लेकिन ब्लॉगर के उलटवह आपके ब्लॉग में नई सुविधाएं जोड़ने और उसे ज्यादा प्रोफेशनल लुक देने का मौका भी देता है। ब्लॉगर पर उपलब्ध ब्लॉग डिजाइन बहुत सिम्पल हैंजबकि वर्डप्रेस पर उनकी ज्यादा बड़ी वैरायटी मौजूद है जो ज्यादा सुंदर और शालीन भी दिखते हैं। इसमें ब्लॉग शुरू करना ब्लॉगर जितना आसान नहीं है लेकिन एक बार ब्लॉग बन जाए तो फिर वहां उपलब्ध हजारों प्लग.इन्सथीम्स और विजेट्स की मदद से उसे इम्प्रेसिव बनाया जा सकता है।
माईस्पेस डॉट कॉम : पश्चिमी देशों के युवाओं तथा किशोरों के बीच बेहद लोकप्रिय इस वेबसाइट को ब्लॉगिंग और सोशियल नेटवर्किंग के पायोनियर्स में गिना जाता है। यहां अपने विचार प्रकट करने के साथ.साथ दोस्तों के साथ गपशप भी संभव है और पसंदीदा संगीत,वीडियोज़गेम्स और दिलचस्प लेखों को पोस्ट करने और दूसरों के साथ शेयर करने का आनंद भी लिया जा सकता है। माईस्पेस आपको अपनी अएनलाइन आइडेंटिटी तैयार     करने    का      मौका   देता     है। 
लाइवर्जनल डॉट कॉम : ऊपर दिए गए सभी प्लेटफॉर्म्स की ही तरह लाइवर्जनल भी पूरी तरह फ्री है। यहाँ ब्लॉगर जैसे फीचर्स तो मौजूद हैं ही (जैसे. सामूहिक ब्लॉगकमेंट्स आदि)कुछ इनोवेटिव सुविधाएं भी हैंजैसे पोलकैलेंडरअएनलाइन कम्युनिटी और फेसबुक जैसे कुछ सोशियल नेटवर्किंग फीचर्स। यह ओपन सोर्स पर आधारित है। 
मूवेबल टाइप डॉट कॉम : कुछ हद तक वर्डप्रेस जैसा महसूस होने वाला मूवेबल टाइप दो तरह से ब्लॉग होस्टिंग की सुविधा देता है. फ्री सेल्फ होस्टिंग पैकेज और अएनलाइन ब्लॉग होस्टिंग सव्िरस। पहला अएप्शन उन लोगों के लिए है जो अपनी निजी वेबसाइट पर मूवेबल टाइप का कोड इस्तेमाल कर ब्लॉग चलाना चाहते हैं। दूसरा उनके लिए जो ब्लॉगर या वर्डप्रेस की ही तरह मूवेबल टाइप द्वारा इंटरनेट पर उपलब्ध कराए गए फ्री वेब स्पेस पर ब्लॉग बनाना और चलाना चाहते हैं। एक से ज्यादा ब्लॉग बनानेफाइलों को मैनेज करनेयूज़र्स के अलग.अलग रोल तय करनेआपकी सामग्री को कैटेगरीज में बांटकर दिखाने जैसी सुविधाएँ इसे अलग पहचान देती हैं।
भारत में ब्‍लॉग बनाने के लिए ब्‍लॉगर.कॉम सबसे ज्‍यादा लोकप्रिय है।इसी लिए हम इसी की बात करेंगे और इस पर कैसी ब्लॉग निर्माण किया जा सकता है उस को बताएँगेयह ब्लॉग बनाने का बहुत आसान विकल्‍प है और इसके द्वारा बहुत आसानी से सारे संसार में अपनी बात पहुँचाई जा सकती है। ब्‍लॉग बनाने की सुविधा नि:शुल्‍क उपलब्‍ध है। इसके लिए सिर्फ एक इंटरनेट कनेक्‍शनएक अदद कम्‍प्‍यूटर और एक ‘ईमेल आईडी’ की आवश्‍यकता होती है। यह ईमेल एकाउंट किसी भी वेबसाइट का हो सकता है।
सबसे पहले ब्‍लॉग बनाने के लिए इंटरनेट ब्राउजर में www.blogger.com टाइप करें। खुलने वाले पेज पर ‘यूजरनेमऔर ‘पॉसवर्ड वाले खानों में अपने पहले से बनाए हुए ईमेल (यदि ईमेल एकाउंट न होतो पहले उसे बना लें) का यूजरनेम और पॉसवर्ड लिखें और ‘साइन-इन’ कर दें। उसके बाद सामने आने वाले फार्म में जरूरी जानकारी भरें और आगे बढ़े।
आगे बढ़ने पर आपसे ब्‍लॉग का नाम पूछा जाएगा। यह हिन्‍दी और अंग्रेजी दोनों में हो सकता है।इस में आप की मर्जी है की आप अपने ब्लॉग की किया नाम दे रहे हैं|
ब्‍लॉग के नाम के बाद अगला कॉलम ब्‍लॉग एड्रेस का होता है। इसमें http:// तथा .blogspot.com पहले से लिखा होता हैउसके बीच में आप मनचाहा एड्रेस भर सकते हैं। यदि आप ‘सैरसपाटा’ नामक ब्‍लॉग बनाना चाहते हैंतो आपके ब्‍लॉग का पता हो जाएगा  http://sairsapata.blogspot.com। लेकिन यदि इस नाम को पहले से किसी व्‍यक्ति ने रजिस्‍टर्ड करा रखा होगातो आप उसमें कुछ घटा बढ़ा  भी सकते हैं अथवा अन्‍य कोई अंक वगैरह जोड़ कर भी ट्राई कर सकते हैं। जो पता यहां पर स्‍वीकृत हो जाएगा,वही आपके ब्‍लॉग का ‘यूआरएल कहलाएगा और उसे टाइप करके पूरे विश्‍व में आपका ब्‍लॉग देखा जा सकेगा।
ब्‍लॉग का नामपता के बाद दूसरे स्‍टेप में आपसे ‘टेम्‍पलेट चुनने के लिए कहा जाएगा। टेम्‍पलेट का मतलब होता हैब्‍लॉग का रंग-रूप। वहाँ पर जो भी डिजाइन उपलब्‍ध होंउसमें से कोई एक चुन लें और ‘कन्‍टीन्‍यू करें। वर्तमान में आप अपने ब्‍लॉग के ‘पोस्टिंग’ मोड में हैं। ब्‍लॉग के नाम के नीचे जहाँ पर पोस्टिंग लिखा हुआ दिख रहा हैउसके दाईं ओर क्रमश: ‘कमेंट्स’ और ‘सेटिंग लिखा हुआ है। आप ‘सेटिंग विकल्‍प का चयन कर लें।सेटिंग मोड में सर्वप्रथम ‘बेसिक टैब होता है। उसमें पेज के नीचे की ओर ‘इनेबल ट्रांसलिटरेशन होता है। उसे ‘यस कर दें तथा किये गये संशोधन को ‘सेव कर लें। उसके बाद  सेटिंग के ‘फॉरमेटिंग टैब का चयन करें। इसमें ‘टाइम ज़ोन के सामने दिये गये विकल्‍पों में (GMT+05.30) India Standard Time तथा ‘लैंग्‍वेज में ‘हिन्‍दी’ का ऑप्‍शन चुन लें। ऐसा करने के बाद पेज के नीचे मौजूद ‘सेव ऑप्‍शन को क्लिक करके सभी सेटिंग को सुरक्षित कर लें।
ब्‍लॉग की सेटिंग संशोधित करने के बाद ‘पोस्टिंग’ और ‘सेटिंग’ वाली लाइन के ऊपर बाईं ओर नजर डालें। वहां पर ईमेल आईडी के बगल में ‘डैशबोर्ड’ लिखा नजर आएगा। इसे क्लिक करें,जिससे ब्‍लॉग का ‘डैशबोर्ड खुल जाएगा। ‘डैशबोर्ड में आप द्वारा बनाये गये  (सभी) ब्‍लॉग के उपलब्‍ध ऑप्‍शनआपकी ब्‍लॉग सम्‍बंधी प्रोफाइल और आप द्वारा ‘फालो(पसंद) किये गये अन्‍य ब्‍लॉगों की ताजी पोस्‍टें (लेख) प्रदर्शित होते हैं। डैशबोर्ड में बाईं ओर दिये ‘एडिट प्रोफाइल का चयन करें और जरूरत के अनुसार जानकारी भरकर अपनी प्रोफाइल अपडेट कर लें। यदि आपके पास अपने फोटो की डिजिटल इमेज होतो उसे भी यहां पर ‘अपलोड कर दें। इससे डैशबोर्ड में आपका फोटो दिखने लगेगा। संशोधन करने के बाद नीचे की ओर दिये ‘सेव बटन को दबा कर इन्‍हें सुरक्षित कर लें।
अब आप पुन: डैशबोर्ड में जाएँ। वहाँ पर ब्‍लॉग के नाम के नीचे पोस्टिंगकमेंट्ससेटिंग,डिजाइनमोनेटाइजस्‍टैट्स आदि विकल्‍प दिख रहे होंगे। ‘पोस्टिंग के द्वारा नया लेख लिखने और पुरानी पोस्‍ट को ‘एडिट’ (संशोधित) करने का काम किया जाता है। ‘कमेंट्स’ के द्वारा ब्‍लॉग पर आने वाली टिप्‍पणियों को मैनेज किया जाता है। ‘सेटिंग विकल्‍प के द्वारा ब्‍लॉग की तकनीकी व्‍यवस्‍था बदली जाती है। ‘डिजाइन के द्वारा ब्‍लॉग की बनावट संशोधित की जाती है तथा ‘मोनेटाइज’ के द्वारा ब्‍लॉग पर विज्ञापन लगाए जाते हैं। उसके बाद ‘स्‍टैटस’ का विकल्‍प हैजिसमें ब्‍लॉग पर आने वाले सभी पाठकों का विस्‍तृत विवरण दर्ज रहता है।
कैसे करें हिन्‍दी टाइपिंग? 
ब्‍लॉग में लिखना आरम्‍भ करने के लिए ‘डैशबोर्ड’ में‍ स्थित ‘पोस्टिंग विकल्‍प को चुनें और ‘न्‍यू पोस्‍ट के ‘कम्‍पोज’ मोड का चयन करके अपनी मनचाही बात लिखना शुरू कर दें। इस समय आपके ब्‍लॉग में ‘ट्रांसलिटरेशन’ सुविधा ऑन हैजिसके द्वारा आप रोमन अक्षरों का प्रयोग करके हिन्‍दी में लिख सकते हैं। जैसे अगर आपको लिखना है-मेरा भारत महान। इसके लिए आप अपने कीबोर्ड से ‘टेक्‍स्‍ट एरिया’ में ‘meraa bhaarat mahaan’ लिखेंवह अपने आप ‘मेरा भारत महान’ में बदल जाएगा।
अगर आप को किसी वजह से ब्लॉग पसंद ना आया हो और उसे डिलीट करना चाहते हैं तो परेशान होने की ज़रुरत नहीं है बल्कि उस के लिए भी option मौजूद है आप सिर्फ यह करना होगा की बेसिक  टैबपर जाएं पूरी तरह से सुनिश्चित करें कि आप सही ब्‍लॉग पर हैं और आप स्‍थायी रूप से इस ब्‍लॉग को अपने खाते से निकालना चाहते हैं| फिर "delete blog" क्‍लिक करें. आपके ब्‍लॉग पर अपलोड किए गए फ़ोटो को छोड़करसब कुछ हटा दिया जाएगा|
जब हम ने ब्लॉग बना लिया और नियमित रूप से पोस्ट करना भी शुरू कर दिया है तो दिल में यह चाहत ज़रूर होती है कि हम जो लिख रहे हैं वह पाठकों तक भी पहुंचना चाहिए|अगर आप सिर्फ पोस्ट कर रहे हैं और इस खुशफ़हमी में हैं की लोगों तक मेरी बात पहुँच रही है तो शायद आप ग़लतफ़हमी में मगन हैं|अगर आप चाहते हैं की हमारे ब्लॉग के viewers की संख्या बढ़े तो इसके बहुत से तरीक़े हैं, इसमें सबसे उपयुक्त माध्यम  ब्लॉग एग्रीगेटर है| यहाँ पर बहुत से ब्लोगों का संकलन मौजूद रहता है|जिसमें आप भी अपने ब्लॉग को रजिस्टर कर सकते हैं| इस से आप को पाठक मिल जायेंगे और आप जो भी लिखेंगे वह तुरंत ही लोगों तक पहुँच जायेगा| हिंदी के कुछ ब्लॉग एग्रीगेटर के बारे में आप को अवगत कर देना चाहते हैं जहाँ पर आप ब्लॉग निर्माण के बाद उसको रजिस्टर कर सकते हैं|
     13.  ब्लॉगलॉग
इसी प्रकार प्रमुख सर्च इंजनों से जुड़ें, ई-मेल सब्सक्रिप्शन टूल लगाएंअपने ब्लॉग रोल में अच्छे ब्लॉग्स को जगह देंअच्छे ब्लॉग्स के फोलोअर बनें, सोशल नेटवर्किंग साइट्स और चैटिंग प्रोफाइल में ब्लॉग की जानकारी दें जहाँ पर अपने ब्लॉग का लिंक शेयर कर सकते हैं| ऐसी ही कुछ बेसिक बातें हैं जिन्हें आसानी के साथ काम में लाया जा सकता है| ब्लॉग viewers का फ़ायदा यह है कि जब बहुत से पाठक हमारी बातों को पढेंगे और  अपनी प्रतिक्रिया भी प्रदान करेंगे तो हमें इस से प्रोत्साहन मिलेगा और हमारी उत्सुकता लिखने में बढ़ती चली जाएगी| दूसरा अहम फ़ायदा यह है की अगर हमारे ब्लॉग  में google एडसेन्स सर्विस मौजूद है तो इस से हमारा इनकम भी होता रहेगा| google 'एडसेन्स' एक ऐसा कायर्क्रम है जिसके लिए कोई भी वेबसाइट या ब्लॉग संचालक आवेदन कर सकता है। छोटी सी प्रक्रिया के बाद गूगल से एक कोड दिया जाता है जिसे अपने वेब.पेज में पेस्ट करने के बाद आपको गूगल द्वारा स्थानांतरित किए जाने वाले विज्ञापन मिलने लगते हैं। जिस पेज पर जैसी सामग्रीउसी तरह का विज्ञापन गूगल द्वारा स्वचालित ढंग से दिखाया जाता है। लेकिन एक उलझन है। आपको पैसे तब मिलते हैं जब कोई व्यक्ति इन विज्ञापनों पर क्लिक करता है।जाहिर है अगर आप के पेज के visiters की संख्या ज़्यादा होगी तभी अधिक लोग उस विज्ञापन को क्लिक करेंगे|
संदर्भ :

Tuesday, February 13, 2018

श्रीकृष्‍ण और शिव को पूजना बंद कर दे.... इन्‍होंने भी प्रेम किया था


श्रीकृष्‍ण और शिव को पूजना बंद कर दे.... इन्‍होंने भी प्रेम किया था
आज वेलेंटाइन डे है.... उत्‍तर प्रदेश में रहने वाले सभी प्रेमी-प्रेमिकाओं को चेतावनी दी जाती है कि वह किसी बहाने से घर से बाहर न निकले.... क्‍योंकि कल बजरंग दल, शिवसेनाऔर अब तो योगी सरकार द्वारा गठित रोमियों स्‍कॉट वाले आपका इंतजार कर रहे होगें.. क्‍योंकि आप तो जानते ही हैं कि भारत में प्रेम करना कितना बड़ा अपराध माना जाता है....... वो भी एक लड़का और लड़की का प्रेम.....इसकी इजाजत भारत में रह रहे यह तथाकथित ठेकेदार नहीं देते...... पहले तो यह बजरंग दल, शिवसेना वाले ही प्रेमी-प्रेमिकाओं को परेशान करते थे अब तो योग सरकार ने रोमियों स्‍कॉट का गठन कर इन प्रेमी-प्रेमिकाओं की मुश्किलें और बड़ा दी हैं क्‍योंकि यह लड़के-लड़कियों को सुरक्षा तो मुहैया करवा नहीं सकते, बस यह लोग सिर्फ प्रेमी-प्रेमिकाओं को परेशान कर सकते हैं उनके साथ बदसलूकी करने की जैसे इनको आजादी मिल गई है.... हां यह और कुछ नहीं कर सकते... किसी महिला की आबरू नहीं बचा सकते.... तब तो कहीं से कन्‍नी काट कर तमाशा देखते नजर आ जाएंगे.....मुझे बजरंग दल वाले, शिवसेना वाले एक बात अपने-अपने गिरवाने में झांक कर अपने-अपने मां-बाप की कसम खा कर बताए कि क्‍या कभी उन्‍हें लड़की से प्रेम नहीं हुआ होगा.... फिर यह दिखावा क्‍यों.... आपको तो इन प्रेम करने वालों की रक्षा करनी चाहिए. उनको प्रताडित नहीं करना चाहिए..... साथ ही उन लड़कों को दंडित करें जो बुरी नीयत रखते हैं लड़कियों के प्रति, उन्‍हें तंग करते हैं, परेशान करते हैं......तब शायद आपका होना सार्थक प्रतीत हो... वैसे यदि आप सब को प्रेम करने वालों से इतनी एलर्जी  है  तो फिर श्रीकृष्‍ण को पूजना बंद कर दे... शिव को पूजना बंद कर दे.... इन्‍होंने भी प्रेम किया था....  

Wednesday, February 7, 2018

शीघ्र ही बनेगा पकौड़ा मंत्रालय : (पकौड़ा मंत्री ऑफ इंडिया)


शीघ्र ही बनेगा पकौड़ा मंत्रालय : (पकौड़ा मंत्री ऑफ इंडिया)

मोदी जी भारत सरकार में जल्‍दी ही एक नया विभाग पकौड़ा मंत्रालय बनाने जा रहे हैं। जिसे लेकर मोदी ने आज लोकसभा व राजसभा के दोनों सदनों में अपनी 4 साल की सफल योजनाओं को गिनवाते हुए  कहा कि हमारी सरकार ने पिछले 4 सालों में जो भी योजनाओं को लागू किया है उससे देश को लाभ पहुंचा है। और हमारी सरकार द्वारा शीघ्र ही बेरोजगार युवाओं को रोजगार प्रदान करने के लिए एक नया मंत्रालय गठित करने जा रही है। मोदी ने आगे अपने भाषण में कहा कि इस मंत्रालय में कई तरह की रोजगार योजनाओं का संचालन किया जाएगा। जिसमें एक योजना राष्‍ट्रीय पकौड़ा रोजगार योजना होगी, तो वहीं दूसरी प्रधानमंत्री चाय-पकौड़ा उज्‍ज्‍वल भविष्‍य रोजगार योजना भी होगी।
मोदी के भाषण के उपरांत बीजेपी (भारतीय जनता के पकौड़े) द्वारा पीएम की योजना की सराहना करते हुए कहा कि पकौड़ा मंत्रालय बनने के बाद इसके अंतर्गत कई बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलने की संभावनाएं जताई जा रही हैं। आगे यह भी कहा कि मंत्रालय को हरी झंडी मिलते ही पकौड़ा मंत्रालय शीघ्र ही पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं से आवेदन पत्र आमंत्रित कर सकती है। इसके लिए पकौड़ा मंत्रालय ने शौक्षणिक योग्‍यता 10वीं पास से लकर पीएच.डी तक रखी है साथ ही आवेदन शुल्‍क भरने के लिए पी.एम. (पकौड़ा मंत्री ऑफ इंडिया) अतिशीघ्र आवेदन भरने वाले के खाते में 15 लाख की धनराशि हस्‍तांतरण करने वाले हैं।
वैसे पीएम द्वारा पकौड़ा मंत्रालय की चर्चा देश में ही नहीं विदेशों में भी जोर-शोर से हो रही है। जिसको ध्‍यान में रखते हुए प्रतिद्वंद्वी चीन वालों ने भारत के बाजार में सस्‍ते पकौड़े लाने की योजना बनानी शुरू कर दी है। साथ ही पाकिस्‍तान के आंतकवादियों ने भी भारत में जहर से भरे पकौड़ों को भेजने की कवायतें तेज कर दी हैं। वहीं देश में हल्‍दीराम भुजियावाला भी शीघ्र ही अपना नाम बदल कर हल्‍दीराम पकौड़ेवाला करने वाला है और तो और पकौड़े के बाजार में मुनाफे को देखते हुए रामदेव बाबा भी जल्‍द ही पतांजलि पकौड़ा बाजार में लाने की फिराक में दिखाई दे रहे हैं।  वैसे लगता है कि आने वाले समय में एक घोटाला और होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। हां यह घोटाला पकौड़ा घोटाला हो सकता है। जिस पर 2019 के बाद सीबीआई से लेकर तमाम तरह की जांच एजंसियों को लगना पड़ेगा... ताकि वास्‍तविक पकौड़ा मंत्रालय द्वारा किए गए पकौड़ा घोटाले का पता लगाया जा सके। हालांकि जिस तरह की स्थिति देखी जा रही है उसके यहीं कहावत सार्थक प्रतीत होती है कि ‘’अंधरे नगरी चौपट राजा...टके सेर पकौड़ा, टके सेर खाजा’’


Tuesday, February 6, 2018

बेरोजगार बनाम पकौड़े

बेरोजगार बनाम पकौड़े

जब से सरकार और सरकार के रहनुमाओं द्वारा कहा गया है कि बेरोजगारों को पकौड़े बनाने चाहिए.. तो एक बात सरकार यह बताए कि पकौड़े कहां पर बेचे.. क्‍योंकि उसके लिए एक जगह/दुकान की आवश्‍यकता होती है... तो क्‍या सरकार सभी बेरोजगारों को एक-एक दुकान मुहैया करवा रही है....और यह भी बता दे कि जब सारे बेरोजगार युवा पकौड़े बनाएंगे तो फिर उन बने हुए पकौड़ों को खरीदेगा कौन... क्‍या सरकार ने बने हुए पकौड़ों को खरीदकर विदेश भेजने की कोई योजना अपने जहन में बना रखी है... ताकि बेरोजगार द्वारा निर्मित पकौड़ों को खपाया जा सकें...या फिर सरकार ने संसद में सांसदों और विधायकों को दी जाने वाली सब्‍सीडी खत्‍म करके, लोकसभा और राज्‍य सभा में यह विधियक पारित करने की योजना बना ली है कि अब से लोकसभा और राज्‍य सभा के सत्रों के दौरान सिर्फ और सिर्फ पकौड़े मिलेंगे... इसके अतिरिक्‍त उन्‍हें यदि कुछ और चाहिए होगा तो 28 प्रतिशत जीएसटी के साथ लेना होगा.... इसके साथ-साथ जितने भी विदेश मंत्रियों का भारत आगमन होगा उन सभी का स्‍वागत भी पकौड़ों से ही किया जाएगा...साथ ही जब-जब सरकार के मंत्रियों द्वारा प्रेसवार्ता की जाएगी या फिर किसी तरह का कोई कार्यक्रम या रैली का आयोजन किया जाएगा तो उसमें भी पत्रकारों और कार्यकर्ताओं को सिर्फ पकौड़े ही खिलाए जाएंगे... तभी तो बन हुए पकौड़ों की खपत हो सकती है... वैसे इसके बाद भी यदि पकौड़े बच जाए तो सरकार द्वारा प्रति महीने के हिसाब से मुआवजा देने के प्रावधान के बारे में अरूण जेटली आगामी बजट सत्र में घोषणा कर सकते हैं... तो युवा तैयार हो जाए पकौड़े बनाने के लिए...... 

Friday, February 2, 2018

सोचने वाली बात......

सोचने वाली बात......
1.       प्रवीण तोगड़िया के बच्चे हैं, कभी उसको किसी उपद्रव में शामिल देखा हैं?
2.       स्मृति ईरानी के बच्चे शाखा क्यों नहीं जाते...??
3.       सुब्रमण्यन स्वामी के बच्चों की लाईफ सेट है....??
4.       सुशील मोदी के बच्चे बजरंग दल में नजर नहीं आते....??
5.       कभी सुना कि आडवाणी के घर का कोई बच्चा भगवा झंडा अदालत में लहराता पकड़ा गया...??
6.       वसुंधरा राजे भी कभी मंदिरों में नजर नहीं आती...??
7.       नरेंद मोदी के घर के कितने लोग सड़क पर हिंदूवादी भीड़ में निकलते हैं...??
8.       रमन सिंह के बच्चे बिना किसी हिंदू आंदोलन के जुड़े सांसन बन जाते हैं..??
9.       विनय कटियार का बेटा क्या किसी उन्मादी भीड़ में था..??
10.     कल्याण सिंह के बहू, बेटी, नाती सब सांसद विधायक बन गए जो कभी सड़कों पर उतरे ही नहीं...??
11.     शिवराज सिंह चैहान के बच्चे को वंदेमातरम् पूरा गीत नहीं आता...??
12.     मुरली मनोहर जोशी की दोनों बेटियां क्या करती हैं...??
13.     पूनम महाजन हो या पंकजा मुंडे, बाप की वजह से सांसद व विधायक हैं..??
14.     अमित शाह के बेटे को आप सब जानते ही हो..??

पागल हो जाने से पहले सोचिए कि राजस्थान की आदलत परिसर पर भगवा झंडा फहराने से लेकर, बाबरी के गुंबद तक चढ़े और मर रहे, गिरफ्तार हो रहे, लाठी-गोली खा रहे नौजवानों में इनके परिवार से कौन था...?? और आप अपने बच्चों को इनके और इनकी विचारधारा के हाथों इस्तेमाल होने दे रहे हैं...? थोड़ा दिमाग लगाइए, ये सिर्फ यूज एंड थ्रो की राजनीति है साहब....अपने बच्चों को इस जहर से बचाइए.....बाकि आप स्वयं बुद्धजीवी है।

Wednesday, January 24, 2018

एक बार पुन: विचार करें- पद्मावत के रिलीज पर

एक बार पुन: विचार करें- पद्मावत के रिलीज पर

पद्मावती ऊर्फ पद्मावत को रिलीज करने की आखिर जरूर ही क्‍या है, एक फिल्‍म रिलीज नहीं होगी तो तारा सिंह पाकिस्‍तान नहीं जाएगा.... अरे भाई वो तो जाएगा ही जाएगा...वैसे रिलीज नहीं होगी तो कौन सा पहाड़ टूट जाएगा.... आखिर न्‍यायालय रिलीज करने पर इतना जोर क्‍यों दे रही है... जबकि वो देख रही है कि किस तरह के हालात पनप रहे है, चारों तरफ करणी सेना वाले उत्‍पात मचा रहे हैं.. आगजनी कर रहे हैं, हाईवे जाम कर रहे हैं, सरकारी बसों को आग के हवाले किया जा रहा है। यहां तक की अम्‍बुलेंस को भी नहीं बक्‍सा जा रहा। क्‍योंकि उनके पता है उनका कुछ नहीं होने वाले, सरकार उनका सहयोग करेगी ही करेगी क्‍योंकि कुछ राज्‍यों में विधानसभा के चुनाव आने वाले हैं और वो सहयोग नहीं करेगी तो एक बहुत बड़े तबके का वोट बैंक उनके हाथों से निकल जाएगा। यह बात तो माननीय न्‍यायालय को भी ज्ञात है। बावजूद वो एक फिल्‍म को रिलीज करवा रही है......वैसे भारत देश में हर साल लगभग 500 फिल्‍में बनाई जाती हैं जिनमें से कुछ सिनेमा घरों की दहलीज पर पहुंचकर करोड़ों रूपयों का कारोबार करती हैं तो बहुत सारी फिल्‍में सिनेमा घरों की दहलीज पर तो पहुंचती है परंतु एक दो दिन की शोभा बनकर उतर जाती है। वहीं बहुत सारी फिल्‍में कचड़े के डिब्‍बे में चली जाती हैं। ऐसा हर साल होता है। फिर एक फिल्‍म पर इतना हंगामा क्‍यों.... जिस प्रकार का माहौल पैदा हो रहा है चारों तरफ सरकारी संपत्ति का नुकसान किया जा रहा है इसका भुगतान क्‍या माननीय न्‍यायालय करेगी या फिर संजय लीला भंसाली करेंगे.... यह बात समझ से परे है। माननीय न्‍यायालय ने तो आदेश दे दिए कि 25 जनवरी को पूरे देश में फिल्‍म रिलीज की जाए... परंतु उन्‍होंने हालात का जायजा क्‍यों नहीं लिया कि कुछ प्रदेश की सरकार अगामी चुनाव के चलते हाथों में झुनझुना थामें बैठी है। जिसे केवल इन लोगों के लिए बजाया जा रहा है ताकि वो उनके पक्ष में उनकी पार्टी को वोट दे..... नहीं तो अभी तक जिन राज्‍यों में चुनाव होने वाले हैं वहां के तत्‍कालीन मुख्‍यमंत्री ने अभी तक इस मुद्दे पर अपना वक्‍तव्‍य क्‍यों नहीं दिया कि माननीय न्‍यायालय ने जब आदेश पारित कर दिया है तो राज्‍यों में कानून व्‍यवस्‍था को दुरूस्‍त करते हुए फिल्‍म रिलीज होगी ही होगी.... फिर चाहे इसके लिए कुछ भी करना पड़े। इस मामले पर न तो गृह मंत्री और न ही प्रधानमंत्री ने करणी सेना से शांति बनाए रखने और फिल्‍म के रिलीज होने पर कोई अपील की। क्‍या देश में उत्‍पन्‍न हालात उनको दिखाई नहीं दे रहे....दे भी रहे हो तो क्‍या फर्क पड़ता है.. घूमने से फुर्रत मिले तो इस बात पर विचार किया जाए...

वैसे माननीय न्‍यायालय को चाहिए था कि इस फिल्‍म के रिलीज होने पर रोक ही लगा देते तो मामला रफा-दफा हो जाता, पद्मावत फिल्‍म में चाहे कुछ हो परंतु एक तबके को लगता है कि इतिहास के साथ छेड़छाड़ की गई है और यह उनके धर्म, उनकी भावना और उनकी माता (जो अभी तक नदारत थी) को ठेस पहुंचा रही है तो रोक लगा देनी चाहिए... क्‍योंकि अभी तो सिर्फ करणी सेना वाले इस फिल्‍म का विरोध कर रहे हैं कहीं दूसरे समुदाय के लोग (मुस्लिम वर्ग)भी इस फिल्‍म के विरोध में न उतर आए....तब मामला फिर कुछ और ही रूप इख्तियार कर लेगा... तो देश के लिए हितकारी साबित नहीं होगा.... हालांकि सोशल मीडिया पर इन दिनों जिस तरह के मैंसेज फिल्‍म पद्मावत को लेकर आ रहे हैं कि इस फिल्‍म को पाकिस्‍तान में रिलीज करवा देना चाहिए.....पाकिस्‍तान का मामला ही खत्‍म हो जाएगा, क्‍योंकि करणी सेना अपने भी देश में अपने लोगों के साथ जिस तरह का उत्‍पात मचा रही है सोचों वो पाकिस्‍तान के साथ क्‍या करेगी....खैर जो भी हो हालात तो मद्देनजर रखते हुए माननीय न्‍यायालय को एक बार पुन: विचार करना चाहिए और इस फिल्‍म पर रोक लगा देनी चाहिए.... न रहेगा बांस न बजेगी बांसुरी.....।