सरोकार की मीडिया

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Monday, July 16, 2018

सरकार की कोई जिम्‍मेदारी नहीं....


सरकार की कोई जिम्‍मेदारी नहीं....
बिना हेटमेट..... जुर्माना 200 रूपए
नो पार्किंग में पार्किंग..... जुर्माना 300 रूपए
नो एंट्री में वाहन..... जुर्माना 500 रूपए
प्रदूषण सर्टिफिकेट नहीं.... जुर्माना 1200 रूपए
ट्रिपल सीट ड्राइविंग...... जुर्माना 1500 रूपए
प्‍लास्टिक का उपयोग..... जुर्माना 5000 रूपए
खबरा सिग्‍नल..... कोई जिम्‍मेदारी नहीं है
सड़क पर गड्ढ़े..... कोई जिम्‍मेदारी नहीं है
अति‍क्रमित फुटपाथ.... कोई जिम्‍मेदारी नहीं है
सड़क पर रोशनी नहीं..... कोई जिम्‍मेदारी नहीं है
सड़क पर कचरा बह रहा है..... कोई जिम्‍मेदारी नहीं है
सड़कों पर लाइट के खंभे नहीं..... कोई जिम्‍मेदारी नहीं है
खुदी सड़क कोई मरम्‍मत नहीं..... कोई जिम्‍मेदारी नहीं है
गड्ढ़ों में गिर कर आप चोटिल हो.... कोई जिम्‍मेदारी नहीं है
आवारा गायें जानवर टकरा जाए, कुत्‍ता काट ले...... कोई जिम्‍मेदारी नहीं है
ऐसा लगता है कि जनता ही एकमात्र अपराधी है और जुर्माना देने के लिए उत्‍तरदायी है। प्रशासन, निगम और सरकार कोई जिम्‍मेदार नहीं है। उनके लिए कोई नियम लागू नहीं होते हैं। वे किसी भी चूक के लिए कभी जिम्‍मेदारी नहीं हैं। उन्‍हें दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए।
नागरिक केवल काम करेंगे..... दर्द का सामना करेंगे.... कर चुकाना होगा.... जुर्माने का भुगतान करेगा... सरकार के खजाने/जेब भरें... और उन्‍हें फिर से सत्‍ता में लाने के लिए वोट दें..... क्‍योंकि  सरकार की कोई जिम्‍मेदारी नहीं.....

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