सरोकार की मीडिया

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Tuesday, July 18, 2017

चूडियां क्‍यों नहीं पहन लेते...

चूडियां क्‍यों नहीं पहन लेते...

पाकिस्‍तान ने आज तो सारी हदें ही पर कर दी.... आज सुबह जब कश्‍मीर के नौशद इलाके में बने स्‍कूल में बच्‍चें पढ़ रहे थे तभी पाकिस्‍तानी सैनिकों ने सीज फायर कर बमों से स्‍कूल पर हमला कर दिया..... जवानों एवं कश्‍मीरी पुलिस ने वहां से 200 बच्‍चों को सही सलामत बाहर निकला और उनको उनके घर पहुंचाया... इस सीज फायर में किसी भी बच्‍चे के हताहत होने की अभी तक कोई खबर नहीं आई है... वैसे देखा जाए तो पिछले 1 साल में पाकिस्‍तानी सैनिक लगभग 239 बार सीज फायर कर चुके हैं और इस सीज फायर में हमारे सैंकड़ों सैनिक शहीद हो चुके हैं... इसके बाद भी सरकार के नुमाइदें हाथों पर हाथ रखकर शायद किसी बड़े हमले की आस में बैठी हुई दिखाई प्रतीत होती है... जब कोई बड़ा हमला हो तब कोई कार्यवाही की जाए... नहीं तो अभी तक कड़ी निंदा से ही काम चल रहा है... आगे भी चलता रहेगा... स्‍कूली बच्‍चों पर हुए हमले पर भी गृह मंत्री, रक्षा मंत्री, प्रधानमंत्री या सरकारी नुमाइंदा कड़ी निंदा कर ही देगा....वहीं कश्‍मीर की मुख्‍यमंत्री ने कहा है कि हथियारों से कश्‍मीर का मुद्दा हल नहीं हो सकता... आपस में बैठकर बात करने से कोई रास्‍ता निकल सकता है... अरे भई कश्‍मीर में बीजेपी के साथ गठबंधन की सरकार तुम्‍हारी है... तो बीजेपी का कोई नुमाइंदा लेकर पाकिस्‍तान से बात करों... जब तुमको पता है कि बात करने से हल निकल सकता है फिर अभी तक क्‍यों सो रही हो...

वैसे तुमकों और सबकों पता है यह पाकिस्‍तान है यह सिर्फ लातों की भाषा समझता हैं इन्‍हें अमन चैन कहां रास आता है... जब भी अमन शांति की पहल भारत की तरफ से की जाती रही है तब-तब पाकिस्‍तान की ओर भारत के सीने पर छुरा खोंपा गया है.... और खामियाजा भारत को ही उठाना पड़ा है... जब पाकिस्‍तान ही नहीं चाहता कि अमन शांति कायम हो फिर बात करने से फायदा ही क्‍या... यदि वह ऐसा चाहता तो हर दिन एक नए आंतकी को भारत पर हमला करने नहीं पहुंचाता... और हर दिन सीज फायर जैसी घटनाओं को अंजाम नहीं देता….. वह तो सिर्फ यह चाह रहा है कि आओं और हमें मारो.... क्‍योंकि यह लातों के भूत हैं बातों से कहां मानने वाले है..... यह उस भैंस के समान है जिसके आगे चाहे जितनी भी बीन क्‍यों न बजाते रहो इसको कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है जब तक इसके कान के नीचे दो चार नहीं लगते रहते... यह समझने वालों में से नहीं है.... वैसे पाकिस्‍तान को इस तरह की हिमाकत करने देने में भारत सरकार का भी हाथ है यदि समय रहते गोली के बदले गोली... का जबाव दिया होता और वक्‍त-वक्‍त पर खुराक देते रहते तो पाकिस्‍तान किसी भी तरह की हिमाकत करने से पहले 100 बार जरूर सोचता... कि यदि हमने ऐसा किया तो भारत चुप नहीं बैठेगा...वहां की सरकार तत्‍काल अपने सैनिकों को कार्यवाही करने का आदेश दे देती है.... पर ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिलता, जिससे पाकिस्‍तान के हौंसले बुलंद हो चुके हैं.... वहीं सरकार कोई कार्यवाही करने के वजह निंदा करती है.... इसके अच्‍छा है हाथों में चूडियां पहन लो.... क्‍योंकि तुम और तुम्‍हारी सरकार सिर्फ बकबक करती है कार्यवाही नहीं.... आज स्‍कूली बच्‍चों पर हुए हमले के बाद भी शांत बैठे हो.... कार्यवाही क्‍यों नहीं करते... जब कार्यवाही करते जब यह बच्‍चे पाकिस्‍तान की गोलियों का शिकार हो जाते... लानत है....तुम पर और तुम्‍हारी जैसी सरकारों पर.....चूडियां पहन लो.. और तालियां बजाओं....क्‍योंकि तुम से भी न हो पाएगा.... 

Sunday, July 9, 2017

हमाम में सब नंगे हैं......

हमाम में सब नंगे हैं......


आज अधिकांशत: सभी चैनलों के प्राइम टाइम स्‍लॉट पर एक ही खबर प्रसारित की जा रही थी वो जुड़ी थी बिहार के पूर्व मुख्‍यमंत्री लालू प्रसाद यादव से.... सभी चैनलों ने एक स्‍टोरी के रूप में पूरे एक घंटे तक लालू के पूर्व से लेकर वर्तमान तक का चिट्ठा बयां किया... कैसे लालू एक सर्विस क्‍वाटर से लेकर बिहार की सत्‍ता पर काबिज हुए.... कौडियों से करोड़ों तक....उनके व उनके परिवार में किस के नाम कितनी बेनामी संपत्ति है… लालू एक अनसुलझी कहानी.... चलिए मान लेते हैं कि लालू के सत्‍ता का दुरूपयोग करते हुए करोड़ों रूपयों की बेमानी संपत्ति बना ली...... सीबीआई और कानून व्‍यवस्‍था इतने समय से कहां सो रही थी........यह सब तो पहले ही हो जाना चाहिए.... पर नहीं हुआ... ऐसे कौन से कारण रहे है कि लालू के ठिकानों पर पहले सीबीआई छापे नहीं पड़े और अब लगातार छापे पर छापे डाल रही है.... लालू से लेकर उनके परिवार के सदस्‍यों और यहां तक उनके करीबियों तक को नहीं बक्‍सा जा रहा है... सोती हुई सीबीआई आखिर जाग कैसे गई.... क्‍या सीबीआई भी किसी तोते की तरह काम करती है.... जो केंद्र सरकार के पिजड़े में कैद रहती है और जैसा केंद्र सरकार पढ़ाती है ठीक वैसा ही पढ़ता है.....
पर एक बात तो समझ से परे जा रही है कि सभी चैनलों ने एक साथ एक ही दिन एक ही समय पर लालू प्रसाद यादव को मुद्दा बनाकर प्राइम टाइम पर स्‍टोरी प्रसारित की.... मुझे तो यह मीडिया किसी के द्वारा डाली गई हड्डी पर अपनी दुम हिलाता हुआ दिखाई दे रहा है...... यदि ऐसा नहीं है तो बहुत सारे मंत्री, विधायक, सांसद और मुख्‍यमंत्री भी है... जिन पर भ्रष्‍टाचार के आरोप लगते रहे हैं, घोटालें होते रहे हैं.... चल-अचल संपत्ति दिन दूनी रात चौगनी होती भी रही है... मध्‍य प्रदेश में वर्तमान मुख्‍यमंत्री को ही ले लीजिए....व्‍यापम घोटलें में नाम आया, और फिर एक क्‍लीन चिट के बाद मामला रफा-दफा। उनकी पत्‍नी और परिवार के नाम कितनी संपत्ति है कभी किसी मीडिया ने इस बात को उठाया... सीबीआई ने छापे मारे, नहीं ना........दूसरी तरफ गुजरात के पूर्व मुख्‍यमंत्री जिनके कार्यकाल में गोदरा कांड हुआ... और फिर जांच बैठी और क्‍लीन चिट मिल गई.....उत्‍तर प्रदेश की पूर्व मुख्‍यमंत्री जिनके जिन्‍होंने लाल पत्‍थर से हाथियों को स्‍थापित कर दिया, नोट बंदी के बाद उनके पास 100 करोड़ रूपये की संपत्ति मिली... यह संपत्ति तो उनकी पार्टी की थी उनके पास और उनके भाई के पास इस तरह की बेनामी संपत्ति जिसका कोई जोड़ भाग नहीं है.... और तो और ऐसे बहुत सारे मुख्‍यमंत्री रहे हैं या वर्तमान समय में किसी राज्‍य के मुख्‍यमंत्री हैं उनकी व उनके परिवार और करीबियों की संपत्ति का खुलासा क्‍यों नहीं हो रहा......सीबीआई उनके घरों पर छापे क्‍यों नहीं मार रही... पर सीबीआई कंबल ओंढ कर सोती दिख रही है.. कुछ एक अपवाद स्‍वरूप मामलों को छोड़ दिया जाए... बाकि सभी में सीबीआई हमेशा से प्रश्‍नचिह्न के दायरे में दिखाई प्रतीत हुई है और हो भी रही है..... और मीडिया का क्‍या कहना....

वहीं जब से केंद्र में बीजेपी काबिज हुई है सिर्फ और सिर्फ मोदी भक्‍त की भांति चरण वंदना करती दिख रही है..... और अब तो उत्‍तर प्रदेश में भी बीजेपी राज्‍य है तो योगी की वंदना शुरू हो चुकी है.... महिमा मंडन शुरू हो चुका है..... जब से केंद्र में  बीजेपी आई है तब से अब तक क्‍या मीडिया ने इस बात को दिखाया कि कैसे एक चाय बेचने वाला गुजरात की सत्‍ता तक पहुंचा.... सत्‍ता में आने से पहले उनके और उनके परिजनों के पास कितनी संपत्ति थी और अब कितनी हो गई है....कोई सीबीआई छापे नहीं... ना उनके उपर ना उनके परिजनों के उपर.... क्‍या कभी मीडिया ने इस बात को दिखाया कि हमारे देश के प्रधानमंत्री देश में कम विदेशी दौरों पर अधिक रहते है... उनके विदेशी दौरों में अब तक कितना खर्च हो चुका है…. इस बात को तो नहीं दिखाया... यदि इसी क्रम में उत्‍तर प्रदेश की बात करें तो पहले भी यहां बलात्‍कार होते थे, हत्‍यायें होती थी, लूट खसोट की जाती थी, दबंगों द्वारों गरीबों को शोषण किया जाता था.... इस सरकार में इन सबका ग्राफ कम होने की वजह बढ़ा है.... और मीडिया सोती रही......दिखाना चाहिए था..... यह भी दिखाते कि 15 जून तक सभी गड्ढें भर दिए जाएंगे.... मरहम पट्टी देखी गई... गड्ढें जस के तस बने हुए हैं हां इंद्र देव की कृपा से पानी से भर जरूर गए.....यह सब दिखा देते.....नहीं महिमा मंडन से फुर्सत मिले तो दिखाते.....
बस उसे तो सिर्फ लालू को दिखाना है कि वह कैसे एक सर्विस क्‍वाटर से लेकर बिहार की सत्‍ता पर काबिज हुआ और करोड़ों की बेनामी संपत्ति बना ली....जब संपत्ति बन रही थी तब क्‍या सो रहे थे.... या तब कोई चढ़ावा मिल रहा था जिस कारण मीडिया की बोलती बंद थी.. और अब वो चढ़ावा मिलना बंद हो गया है... लगता तो कुछ ऐसा ही है... नहीं तो देश में और भी बहुत से पूर्व मुख्‍यमंत्री है उनके बार में भी कुछ कुछ दिखा देते... अच्‍छा लगता... ऐसा नहीं लगता कि मीडिया बाजारू के साथ-साथ बिक चुका है.... वैसे इसके सा‍थ साथ कश्‍मीर के मुद्दे पर भी बात करें तो देश की आबाम देख रही है कि वहां के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं.... प्रतिदिन दो-चार सैनिक शहीद हो रहे हैं....घायल हो रहे हैं.... और प्रधानमंत्री को विदेश घूमने की पड़ी है.... गृह मंत्री, रक्षा मंत्री कड़ी निंदा करते दिखाई देते हैं... प्रधानमंत्री ट्वीट करके निंदा करते है.....कड़ी निंदा ना हो गई कोई बहुत बड़ी कार्यवाही कर दी......वहीं सैनिक कश्‍मीर के पत्‍थरबाजों में से एक को जीप से क्‍या बांध देते है उन पर हजारों सवालात नेता और मीडिया उठाने लगती है.... वह यह नहीं दिखाती की कश्‍मीर की गठबंधन वाली सरकार किस तरह नाकामयाब साबित हो रही है....

प्रधानमंत्री जी और मीडिया जरा इस पर भी गौर फरमाएं... कश्‍मीर के मुद्दे को हलके में ना ले कि जैसा चल रहा है चलने देते हैं... आप से देश की जनता कड़ी निंदा नहीं एक सही और सटीक इलाज की मांग कर रही है... ताकि दुबारा कोई सांप अपना फन ना उठा सके.... पर ना तो आपकी सरकार और ना ही मीडिया के कानों पर जूं रेंग रही है.. बस विदेश घूम लिया जाए क्‍या पता कल मौका लगे या ना लगे... वहीं मीडिया सिर्फ खबर दिखाती है आज फिर हमला,… 3 सैनिक शहीद, 4 शहीद, 5 शहीद.....यह क्‍यों नहीं दिखाती कि सरकारें नाकामयाब हो रही है कश्‍मीर में हमले को रोकने में.... खैर लालू यादव का जो भी हो वह सब बीजेपी द्वारा करवाया जा रहा है यह बात सब लोग समझ रहे है और मीडिया भी उसका साथ दे रही है....कभी बीजेपी भी अपने दामन में झांक कर देख लेती कि उसका दामन कितना पाक साफ है.... बस इतना कहना चाहूंगा कि हमाम में सब नंगे हैं......

Friday, June 30, 2017

जरा गौर करें और सोचे.....

जरा गौर करें और सोचे.....



सत्‍य युग कि बात की जाए तो देखने को मिलता है कि सत्‍य युग में चारों तरफ सत्‍य विराजमान था, कोई किसी के साथ छलावा, चोरी, हत्‍या आदि नहीं करते थे... ऐसा सिर्फ पढ़ने को मिलता है... यदि इसको विस्‍तार से पढ़ा जाए एवं समझा जाए तो ज्ञात होगा कि सत्‍य युग में भी छलावा, चोरी, हत्‍या आदि कृत्‍य हुआ करते थे... हां इनकी अत्‍याधिकता नहीं थी.... पर छलावा पूर्णत: विद्धमान था.... क्‍योंकि भगवान नृसिंह ने उस समय हिरण्‍यकश्‍यप जो कि राक्षसों का राजा हुआ करता था को छल प्रपंच द्वारा अपने भक्‍त प्रह्लाद की भक्ति के एवज में उसके पिता को ही मार दिया.... कौन पुत्र चाहेगा कि उसके पिता का वध किया जाए चाहे वो जैसा भी हो... सत्‍य युग में तो सत्‍य की पूजा की जाती थी फिर शंखासुर, हरिण्‍याक्ष और हिरण्‍यकश्‍यप जैसे राक्षसों की उत्‍पत्ति कैसे हो गई... जबकि मैंने पढ़ा है कि ब्राह्मा ने इस सृष्टि की उत्‍पत्ति की है और हर चीज को उन्‍होंने स्‍वयं बनाया है... फिर ऐसी क्‍या अवश्‍यकता आन पड़ी जो ब्राह्मा को राक्षस पैदा करने पड़े.....

खैर अब बात करते हैं त्रेता युग कि इस युग में बाली संपूर्ण पृथ्‍वी के तीनों लोकों का राजा हुआ करता था... जिसको भगवान ने वामन अवतार लेकर छल के साथ छला....उन्‍होंने एक अत्यन छोटे स्‍तर के ब्राह्मण ने बाली से तीन वचन मांगें और तीन पग जमीन रहने के लिये दान में माँगी ! इसका निर्णय आप करें ! बाली से उसने तीन वचन में तीनों लोक मांग लिये ! बाली अब मनुष्य द्वारा दान दिये होए पाताल लोक में निवास कर सकता था ! 

इसके साथ ही इस युग में राम का जन्‍म हुआ.... इस युग को राम युग भी कहा जा सकता है.... परंतु इस युग में भी बहुत सी विसंगतियां देखने को मिलती हैं...अपराध देखने को मिलते हैं... जैसे लक्ष्‍मण द्वारा शुपनंखा के अंग विच्‍छेद कर देना....जानवरों पर अत्‍याचार, उनका वध करना, इंद्र द्वारा एक स्‍त्री के साथ बलात्‍कार करना, छल से बालि को मारना……. एक भाई का गद्दी के लिए अपने ही भाई से धोखा करना....अपनी पत्‍नी से अग्नि परीक्षा लेना... और तो और राम राज में भी जाति व्‍यवस्‍था विराजमान थी जिसका उद्धरण धोबी जाति के रूप में मिलता है... जिसके कटाक्ष करने पर राम ने अपनी गर्भवती पत्‍नी को जंगल में भेज दिया.... क्‍या यही राम राज्‍य था.... छल प्रपंच के साथ हत्‍या, बलात्‍कार, औरतों के साथ इस तरह के अत्‍याचार... राक्षसों ने अत्‍याचार किया उनका तो समझ आता है कि वो राक्षस है परंतु भगवानों द्वारा इस तरह के कुकृत्‍य समझ से परे हैं...

अब बात करते हैं द्वापर युग कि... इस युग में कृष्‍ण का जन्‍म होता है... जिसको कहा जाता कि कंस के अत्‍याचारों से मुक्ति दिलाने के लिए हुआ था... ठीक है मान लेते हैं परंतु इस युग में भी शिशु हत्‍या, लड़कियों के साथ छेड़छाड़, चोरी, छल प्रंपच प्रमुखत: के साथ देखने को मिलते हैं.....एक स्‍त्री के अवैध संबंध और अवैध संबंधों से उत्‍पन्‍न बच्‍चे त्‍याग यानि पैदा होने के बाद उसको फेंक देना.....एक स्‍त्री को पांच-पांच लोगों में बांट देना..... राजकुमारों द्वारा जुआ खेलना और जुएं में अपनी पत्‍नी को दांव पर लगा देना....भरी सभा में एक स्‍त्री को र्निलज्‍य करना..... सत्‍ता के लालच में अपने भाईयों को वन भेज देना... उनको मारने के प्रत्‍यन किए जाना... आदि इस युग में देखे जा सकते हैं.....


यदि तीनों युगों का विश्‍लेषण किया जाए तो ऐसा कोई भी युग नहीं रहा है जिसमें औरतों के साथ अत्‍याचार नहीं हुए हो.... चाहें वो राक्षसों ने किए हो या भगवानों ने... मनुष्‍य की बात छोड़ देते हैं... तीनों युगों में छलावा, धोखधड़ी, लूट, मार, पशुओं पर अत्‍याचार, वध आदि प्रमुखत: के साथ देखे जा सकते हैं... फिर हम कैसे कह सकते हैं कि कलयुग में ही यह सब हो रहा है... क्‍योंकि इन सब युग में यह देखने का कहीं नहीं मिला कि फलां-फलां भगवान द्वारा कुकत्‍य करने पर उसको किसी विधान ने या सर्वोपरि राजा या उच्‍चतर भगवान ने दंड दिया हो.... उसी की प्रवृत्ति कलयुग में देखने को मिलती है.... 

Sunday, June 18, 2017

नग्‍नता के नाम पर हाय तौबा मचाना छोड़ दीजिए.....

नग्‍नता के नाम पर हाय तौबा मचाना छोड़ दीजिए.....

इबे द्वारा फेसबुक पर महिला वस्‍त्रों के विज्ञापन हेतु इस तरह महिला का इस्‍तेमाल करना (पारदर्शिए) कितना तर्कसंगत है....अब शायद तथाकथित महिलावादी महिलाएं इसे अपना अधिकार समझेगी.... फिर वह पुरूष समाज पर इल्‍जाम लगाएंगी कि पुरूष की सोच गलत है....देखने का नजरिया गलत है.... अब इस तरह एक महिला अपने शरीर को सार्वजनिक दिखाएगी तो क्‍या पुरूष अपनी आंखें बंद कर ले.... फैशन की आड़ में नग्‍नता का इससे बड़ा उदाहरण क्‍या होगा....होगा....जिसमें महिला अपने शरीर का प्रदर्शन कर रही हो.....वैसे यह कोई पहला विज्ञापन नहीं है इस तरह के सैंकड़ों विज्ञापन भरे पड़े हैं.... अब महिलावादी इस मुद्दे पर बात करेंगी कि पुरूष समाज द्वारा बनाया गया विज्ञापन है... ठीक कहा अपने यह किसी न किसी पुरूष द्वारा खींची गई तस्‍वीर और विज्ञापन ही होगा... परंतु आप क्‍यों चंद पैसों के लिए इस तरह की नग्‍नता का प्रर्दशन करने लगती है... क्‍या इसमें आपका स्‍वार्थ नहीं छिपा होगा.... कि कुछ पैसे मिल जाएंगे और फैशन की आड़ में आपके शरीर का प्रदर्शन भी हो जाएगा... खैर स्‍वत्रंत भारत है.... आप कुछ भी कर सकते हैं.... हां फिर नग्‍नता के नाम पर हाय तौबा मचाना छोड़ दीजिए......

नोट.... मेरी इस पोस्‍ट व साझा की जाने वाली तस्‍वीर को उद्देश्‍य किसी भी महिला को नीचा दिखना नहीं है....बस एक तर्क की बात रख रहा हूं... किसी को इससे कोई आपत्ति हुई हो तो क्षमा प्रार्थी हूं....

Saturday, June 17, 2017

आधार कार्ड को भी लिंक करें शादी के निमंत्रण पत्र से.....

आधार कार्ड को भी लिंक करें शादी के निमंत्रण पत्र से.....

शायद कुछ दिनों बाद शादी के लिए भी आधार कार्ड चाहिए होगा... जिसे दोनों वर-वधू के आधार कार्ड को एक दूसरे के शादी के निमंत्रण पत्र से लिंक किया जाएगा...और यह शादी के निमंत्रण पत्र को ऑन लाइन किया जाएगा.... जिनके पास आधार कार्ड नहीं होगा वो शादी नहीं कर सकेंगे... यदि वो बिना शादी के निमंत्रण कार्ड को आधार कार्ड से लिंक करके शादी करते हैं तो उनकी शादी अवैध मानी जाएगी.... इसके लिए दोनों को सजा भी हो सकती है और यह सजा गैरजमानती होगी....सजा के उपरांत उनको अपना आधार कार्ड पुन: लिंक करवाना पड़ेगा और इसके लिए सरकार को शुल्‍क देना होगा तभी शादी वैध मानी जाएगी.... 

इसके फायदे भी होंगे... एक बार शादी होने के उपरांत कोई भी किसी को अविवाहित बता कर शादी नहीं कर सकेगा....साथ ही शादी के नाम पर दिए जाने वाली सारे सामान को (रूपयों को भी ) भी आधार कार्ड से लिंक करवा दिया जाएगा जिससे यह ज्ञात होगा कि फलां फलां ने इतने रूपए की अपनी बेटी की शादी की है और फलां फलां को इतनी रकम शादी के नाम पर मिली है... जिस पर सरकार एक सीमा तक छुट प्रदान कर सकती है और बाकि राशि पर टेक्‍स ले सकती है. इससे बाद में किसी कारण से यदि दोनों के बीच तलाक की नौबत आती है तो वधू पक्ष वर पक्ष से आधार कार्ड की लिंक दिखाकर दिए हुए सामान को वापस ले सकेंगे..... 

Friday, June 16, 2017

सभी गड्ढें भरे जा चुके हैं....

सभी गड्ढें भरे जा चुके हैं....




बधाई हो... उत्‍तर प्रदेश सरकार द्वारा जनता से किया गया वादा पूरा हो गया है जी हां 15 जून निकल चुकी है सरकार द्वारा यह कहा गया था कि 15 जून तक सभी गड्ढों को भर दिया जाएगा.... जी हां उत्‍तर प्रदेश सरकार ने 15 जून को अपने सहयोगी इंद्रदेव को आदेश दिया और इंद्रदेव ने यह आदेश आगे स्‍थानतंरण करते हुए अपने अधीन कार्यरत वरूण देव को कहा कि उत्‍तर प्रदेश के सभी गड्ढों को तत्‍काल प्रभाव से भर दिया जाए... और उन्‍होंने थोड़ी सी मेहनत करते हुए लगभग सभी गड्ढों को भर दिया.... अब आप लोग यह कहोगे कि गड्ढों तो जैसे के तैसे बने हुए हैं... अरे भाई जरा गौर से देखिए गड्ढें पानी से भरे जा चुके हैं... उत्‍तर प्रदेश सरकार ने सिर्फ यह कहा था कि 15 जून तक सभी गड्ढें भर दिए जाएंगे... यह नहीं कहा था कि सड़कों को मट्टी से या डांबर से भरा जाएगा... पानी से भर दिया गया यह काफी नहीं है.... अब आप मुस्‍कुराई क्‍योंकि आप उत्‍तर प्रदेश में हैं... यहां सरकारें वादा करता और वादे अक्‍सर टूट जाते हैं.... जैसे हमारे मोदी ने कहा था 15 लाख सभी के खाते में आएंगे... जी हां 15 लाख आएंगे….. क्‍योंकि मेरे करन अर्जुन जब आएंगे तो 15 लाख भी आ जाएंगे.... 

Tuesday, June 13, 2017

जरा इनके बारे में भी सोचिए मोदी जी....

जरा इनके बारे में भी सोचिए मोदी जी....



जहां एक तरफ तीन तलाक के मुद्दे पर बहस चल रही है और सभी राजनैतिक पार्टियां अगामी लोकसभा चुनाव के चलते अपने अपनी रोटियां सेंकने में लगे हैं.... और तो और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी मानना है कि तीन तलाक का मुद्दा मुस्‍लिम बहू-बेटियों के अहित में है... सही कहां प्रधानमंत्री जी... पर आपको तीन तलाक का मुद्दा दिखाई दे गया... आप जहां से जीत कर प्रधानमंत्री बने हैं जरा वहां पर भी गौर फरमाते तो अच्‍छा होता... जी हां... मैं बनारस की बात कर रहा हूं और वहां पर रह रही विधवाओं के संदर्भ में बात करने जा रहा हूं ..... जी.....इस नगर में वधुओं की भांति रह रहीं सैंकड़ों विधवायें पिछले कई वर्षों से समाज की मुख्यधारा से दूर एक गुमनाम जिंदगी बिता रही हैं। इनमें अधिकतर विधवाएं पंचिम बंगाल की हैं, जो पति की मौत के बाद परिवार से निकाल दी गर्इं और देश के कई हिस्सों में भटकने के बाद वृंदावन और बनारस के विभिन्न आश्रमों में पहुंची या खुद परिवार द्वारा यहां जबरन पहुंचा दी गई। ऐसी महिलाओं की संख्या एक अनुमान के अनुसार करीब चार करोड़ के आसपास है। क्‍योंकि पति की मौत के बाद अभिशाप समझ कर परिवार द्वारा निकाल दी गई हैं... जो बड़ी संख्या में विश्वनाथ मन्दिर के आसपास और गंगा के घाटों पर अपने जीवन के भीषण क्षण काटती मिल जाएंगी। और यह भीषण सत्‍य यह भी है कि समाज से तिरस्‍कृत यह विधाएं जब आश्रम में पहुंचती है तो आश्रम के सर्वेसर्वा इन्‍हें दो वक्‍त की रोटी के एवज में बड़े-बड़े उद्योगपतियों के यहां, नेताओं के यहां भेज दी जाती है.... मेरे कहने का साफ-साफ मतलब यह है कि इनसे देह व्‍यापार भी करवाया जाता है.... तो माननीय मोदी जी जब आपको मुस्लिम महिलाओं की इतनी चिंता है तो कुछ चिंता इन विधवाओं की भी कर लीजिए....और इन विधवाओं को समाज की मुख्‍यधारा से जोड़कर उनको उनका हक दिलाने की कोशिश करें.....