सरोकार की मीडिया

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Tuesday, July 18, 2017

चूडियां क्‍यों नहीं पहन लेते...

चूडियां क्‍यों नहीं पहन लेते...

पाकिस्‍तान ने आज तो सारी हदें ही पर कर दी.... आज सुबह जब कश्‍मीर के नौशद इलाके में बने स्‍कूल में बच्‍चें पढ़ रहे थे तभी पाकिस्‍तानी सैनिकों ने सीज फायर कर बमों से स्‍कूल पर हमला कर दिया..... जवानों एवं कश्‍मीरी पुलिस ने वहां से 200 बच्‍चों को सही सलामत बाहर निकला और उनको उनके घर पहुंचाया... इस सीज फायर में किसी भी बच्‍चे के हताहत होने की अभी तक कोई खबर नहीं आई है... वैसे देखा जाए तो पिछले 1 साल में पाकिस्‍तानी सैनिक लगभग 239 बार सीज फायर कर चुके हैं और इस सीज फायर में हमारे सैंकड़ों सैनिक शहीद हो चुके हैं... इसके बाद भी सरकार के नुमाइदें हाथों पर हाथ रखकर शायद किसी बड़े हमले की आस में बैठी हुई दिखाई प्रतीत होती है... जब कोई बड़ा हमला हो तब कोई कार्यवाही की जाए... नहीं तो अभी तक कड़ी निंदा से ही काम चल रहा है... आगे भी चलता रहेगा... स्‍कूली बच्‍चों पर हुए हमले पर भी गृह मंत्री, रक्षा मंत्री, प्रधानमंत्री या सरकारी नुमाइंदा कड़ी निंदा कर ही देगा....वहीं कश्‍मीर की मुख्‍यमंत्री ने कहा है कि हथियारों से कश्‍मीर का मुद्दा हल नहीं हो सकता... आपस में बैठकर बात करने से कोई रास्‍ता निकल सकता है... अरे भई कश्‍मीर में बीजेपी के साथ गठबंधन की सरकार तुम्‍हारी है... तो बीजेपी का कोई नुमाइंदा लेकर पाकिस्‍तान से बात करों... जब तुमको पता है कि बात करने से हल निकल सकता है फिर अभी तक क्‍यों सो रही हो...

वैसे तुमकों और सबकों पता है यह पाकिस्‍तान है यह सिर्फ लातों की भाषा समझता हैं इन्‍हें अमन चैन कहां रास आता है... जब भी अमन शांति की पहल भारत की तरफ से की जाती रही है तब-तब पाकिस्‍तान की ओर भारत के सीने पर छुरा खोंपा गया है.... और खामियाजा भारत को ही उठाना पड़ा है... जब पाकिस्‍तान ही नहीं चाहता कि अमन शांति कायम हो फिर बात करने से फायदा ही क्‍या... यदि वह ऐसा चाहता तो हर दिन एक नए आंतकी को भारत पर हमला करने नहीं पहुंचाता... और हर दिन सीज फायर जैसी घटनाओं को अंजाम नहीं देता….. वह तो सिर्फ यह चाह रहा है कि आओं और हमें मारो.... क्‍योंकि यह लातों के भूत हैं बातों से कहां मानने वाले है..... यह उस भैंस के समान है जिसके आगे चाहे जितनी भी बीन क्‍यों न बजाते रहो इसको कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है जब तक इसके कान के नीचे दो चार नहीं लगते रहते... यह समझने वालों में से नहीं है.... वैसे पाकिस्‍तान को इस तरह की हिमाकत करने देने में भारत सरकार का भी हाथ है यदि समय रहते गोली के बदले गोली... का जबाव दिया होता और वक्‍त-वक्‍त पर खुराक देते रहते तो पाकिस्‍तान किसी भी तरह की हिमाकत करने से पहले 100 बार जरूर सोचता... कि यदि हमने ऐसा किया तो भारत चुप नहीं बैठेगा...वहां की सरकार तत्‍काल अपने सैनिकों को कार्यवाही करने का आदेश दे देती है.... पर ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिलता, जिससे पाकिस्‍तान के हौंसले बुलंद हो चुके हैं.... वहीं सरकार कोई कार्यवाही करने के वजह निंदा करती है.... इसके अच्‍छा है हाथों में चूडियां पहन लो.... क्‍योंकि तुम और तुम्‍हारी सरकार सिर्फ बकबक करती है कार्यवाही नहीं.... आज स्‍कूली बच्‍चों पर हुए हमले के बाद भी शांत बैठे हो.... कार्यवाही क्‍यों नहीं करते... जब कार्यवाही करते जब यह बच्‍चे पाकिस्‍तान की गोलियों का शिकार हो जाते... लानत है....तुम पर और तुम्‍हारी जैसी सरकारों पर.....चूडियां पहन लो.. और तालियां बजाओं....क्‍योंकि तुम से भी न हो पाएगा.... 

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