Dr. Gajendra Pratap Singh (Post Doctorate & Assistant Professor) School of Media and Communication Studies Galgotias University, Greater Noida 09839036115 Email: gajendra_125@rediffmail.com
Tuesday, June 13, 2017
जरा इनके बारे में भी सोचिए मोदी जी....
जरा इनके बारे में भी सोचिए मोदी जी....
जहां एक तरफ तीन तलाक के मुद्दे पर बहस चल रही है
और सभी राजनैतिक पार्टियां अगामी लोकसभा चुनाव के चलते अपने अपनी रोटियां सेंकने
में लगे हैं.... और तो और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी मानना है कि तीन तलाक
का मुद्दा मुस्लिम बहू-बेटियों के अहित में है... सही
कहां प्रधानमंत्री जी... पर आपको तीन तलाक का मुद्दा दिखाई दे गया... आप जहां से
जीत कर प्रधानमंत्री बने हैं जरा वहां पर भी गौर फरमाते तो अच्छा होता... जी
हां... मैं बनारस की बात कर रहा हूं और वहां पर रह रही विधवाओं के संदर्भ में बात
करने जा रहा हूं ..... जी.....इस नगर में वधुओं की
भांति रह रहीं सैंकड़ों विधवायें पिछले कई वर्षों से समाज की मुख्यधारा से दूर एक
गुमनाम जिंदगी बिता रही हैं। इनमें अधिकतर विधवाएं पंचिम बंगाल की हैं, जो पति की मौत के बाद परिवार से निकाल दी
गर्इं और देश के कई हिस्सों में भटकने के बाद वृंदावन और बनारस के विभिन्न आश्रमों
में पहुंची या खुद परिवार द्वारा यहां जबरन पहुंचा दी गई। ऐसी महिलाओं की संख्या
एक अनुमान के अनुसार करीब चार करोड़ के आसपास है। क्योंकि पति की मौत के बाद अभिशाप
समझ कर परिवार द्वारा निकाल दी गई हैं... जो बड़ी संख्या में विश्वनाथ मन्दिर के
आसपास और गंगा के घाटों पर अपने जीवन के भीषण क्षण काटती मिल जाएंगी। और यह भीषण
सत्य यह भी है कि समाज से तिरस्कृत यह विधाएं जब आश्रम में पहुंचती है तो आश्रम
के सर्वेसर्वा इन्हें दो वक्त की रोटी के एवज में बड़े-बड़े उद्योगपतियों के यहां, नेताओं के यहां भेज दी जाती है.... मेरे कहने का साफ-साफ मतलब यह है कि
इनसे देह व्यापार भी करवाया जाता है.... तो माननीय मोदी जी जब आपको मुस्लिम
महिलाओं की इतनी चिंता है तो कुछ चिंता इन विधवाओं की भी कर लीजिए....और इन
विधवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर उनको उनका हक दिलाने की कोशिश करें.....
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