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Sunday, October 6, 2013

मैं मीडिया से बोल रहा हूं

मैं मीडिया से बोल रहा हूं

ट्रिन.......ट्रिन.......... मैं, दैनिक.......... से बोल रहा हूं, टीवी चैनल........से बोल रहा हूं! इसी प्रकार फोन आता है.......... से बोल रहा हूं। बोलो... क्या सेवा कर सकता हूं आपकी? नहीं मैं मीडिया से बोल रहा हूं। अरे भाई मीडिया नामक इस विचित्र चीज में तो सभी कुछ समाहित है। अरे..... मैं फलां-फलां दैनिक या टीवी चैनल से बात कर रहा हूं। हां मैं समझ गया आप फलां-फलां  मीडिया से बात कर रहें हैं। तो मैं आपकी क्या सेवा कर सकता हूं? क्या लेना पसंद करेंगे???? सोना, चांदी, रुपया, पैसा, कपड़े, मिठाई बगैरह बगैरह। आप कैसी बात कर रहें हैं। अरे मेरे कहने का तात्पर्य यह है कि आप क्या लेना पसंद करेंगे???? चाय, कॉफी, कोल्ड ड्रिंक, पान, सिगरेट, तबांकू या फिर थकावत उतारने के लिए अच्छी ब्रांड की शराब। आप मीडिया से ऐसी बातें कैसे कर सकते हैं? मैंने तो आपको इसलिए फोन किया है क्योंकि आप से संबंधित कुछ जानकारियां हमारे हाथ लगी हैं। अच्छा जी ठीक है...... तो मैं आपकी किस प्रकार से सहायता कर सकता हूं। आप मेरी बात समझ नहीं रहे हैं? मैंने आपको आपसे संबंधित जानकारी के लिए फोन किया है कि हमारे पास आप से जुड़ी यह-यह जानकारी हैं। अब इसका क्या करना है, आप बताएं। मैं क्या बताऊं आपको? वैसे आप जानकारियों का करते क्या हैं......... अपने दैनिक में या टीवी चैनल पर प्रकाशित/प्रसारित कर देता हूं। जिससे संबंधित व्यक्ति की नौकरी खतरे में आ जाती है और बहुत बार तो उसके ऊपर भी तलवार लटकने लगती हैं। अच्छा........... आपके पास तो बहुत ही पावर है.....।
वैसे मैंने आपके ऑफिस में, दफ्तर में, विभाग में फलां-फलां व्यक्ति से संबंधित, जानकारी से संबंधित, खबरों व सूचनाओं की जानकारी हेतु आपको फोन किया है। अच्छा...अच्छा, जानकारी के लिए। हां जानकारी के लिए.........। तो पत्रकार महोदय आप किस विषय से संबंधित जानकारी लेना चाहेंगे?? राजनीति, अपराध, खेल, भ्रष्टचार, आंदोलन, विकास, योजनाएं और रेल, बस, सड़क, मूर्ति, विद्यालय, विश्वविद्यालय, अस्पताल आदि आदि। जो भी मिल जाए? जो भी मिल जाए से मतलब मैं, कुछ समझा नहीं। आप कौन सी वीट देख रहे हैं यह तो बताएं। अगर आपकी वीट से संबंधित हमारे पास कोई जानकारी होगी जिसको आप खबर में तब्दील करके जनता को बेबकूफ बना सके तो हम आपको मुहैया करवा देंगे।
मुझे लगता है आप दिमाग से थोड़ खिसके हुए लगते हैं?? हां पत्रकार महोदय, मैं दिमाग से खिसका हुआ ही हूं क्योंकि आपको लगता है तो ठीक ही लगता होगा? अरे भई मैं तो साफ-साफ कोई जानकारी के बारे में पूछ रहा हूं आपको ज्ञात होना चाहिए कि मैं फलां-फलां मीडिया से बोल रहा हूं। और तुम मुझे जानकारी देने की वजह टाल-मटोल कर रहे हो। मेरे पास सूचना के अधिकार का अस्त्र भी है शस्त्र भी, समझे...........। हां जी, समझ गया। वैसे आपको कौन नहीं जानता, आपके पास सूचना के अधिकार का अस्त्र भी है और शस्त्र भी। आप इससे किसी की भी मां-बहन कर सकते हैं। यह भी मैं भलीभांति जानता हूं और मैं आपको सूचना देने में कैसे टाल-मटोल कर सकता हूं। आपके पास तो मीडिया की पावर है जिसका तंबूरा लेकर आप कहीं भी घुस जाते हैं, किसी की भी छोटी-मोटी खामियां देखकर उसकी खटिया खड़ी करने पर उतारू हो जाते हैं। उसको दबाने लगते हैं और दबा ही लेते है। पावर जो हैं आपके पास, मीडिया का। मुझे लगता है कि तुम्हारे खिलाफ कोई दो-चार काॅलम की या ब्रेकिंग न्यूज चलवानी पड़ेगी। मेरे पास तुम्हारे खिलाफ बहुत-सी जानकारियां जो हैं जिसमें तुम फंस सकते हो। नहीं-नहीं भई ऐसा मत करना, मेरे छोटे-छोटे बच्चें हैं और एक बीबी भी है। मेरी नौकरी चली जाएगी..........मेरे बाल-बच्चों का क्या होगा? तब ठीक है तुम्हारे परिवार के खातिर चुप हो जाता हूं पर खबर को दबाने के लिए कुछ चढ़ौत्री मेरा मतलब दान-दक्षिणा तो अपर्ण करनी पड़ेगी। संपादक को क्या कहूंगा? अच्छा बताओं कितना?? इतना-इतना। ओह....... यह तो बहुत हैं। अरे भई मंहगाई भी तो बढ़ गई है। इसमें से इतना विज्ञापन के लिए, इतना संपादक महोदय का और उसमें से जो थोड़ा बच जाएगा वो मेरा। मुझे तो बस इतना ही मिलेगा। और मैं किसी दूसरे मीडिया से बोलूंगा भी नहीं। सोच लो समझ लो, अगर नौकरी रहेगी तो और भी कमा लोगें, रुपयों का मुंह मत देखों, बाल-बच्चों का देखों। ठीक है यह लो.........। अगर और कोई जानकारी हो तो हमें जरूर बताना। हमारा नंबर लिख लो... नाईन वन वन वन वन वन शून्य चार दो शून्य (09111110420)
ट्रिन.......ट्रिन, मैं फलां मीडिया से बोल रहा हूं। हां आप भी बताएं.......मैं आपकी किस प्रकार सेवा कर सकता हूं?? हमें आपके बारे में जानकारी हाथ लगी है.........। ओह तो आपको भी मेरे बारे में जानकारी हाथ लगी हैै। हां जी आपके बारे में.....। तो आप क्या लेंगे? मैं कुछ समझा नहीं......................। इसमें समझने की क्या बात है। ले देकर निपटा लेते हैं। तब ठीक है। लिया-दिया और निपट गया।
ट्रिन.......ट्रिन, मैं फलां मीडिया से बोल रहा हूं................................................. हां जी आप भी लूट लो, क्योंकि आपको मेरे बारे में जानकारी हाथ लग गई है। मेरे बाल-बच्चें हैं। आपको नहीं दूंगा तो आप मेरी नौकरी खा जाओंगे। क्योंकि आप मीडिया से बोल रहे हो। मीडिया न हो गया, खाला का घर हो गया जिसको जब मन आता है लूट ले जाता है। वाह रे मीडिया...........................?????


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