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Saturday, September 26, 2015

ललितपुर समाचार, 27 सितंबर,2015 दैनिक सरोकार की मीडिया

ललितपुर समाचार, 27 सितंबर,2015 दैनिक सरोकार की मीडिया


आयोग से जारी आदेशों का गहनता से अध्ययन करें: डा.रूपेश
निर्वाचन अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण
ललितपुर। जिलाधिकारी डा.रूपेश कुमार की अध्यक्षता में क्षेत्र व जिला पंचायत सदस्यों के निर्वाचन को लेकर निर्वाचन व सहायक निर्वाचन अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया। इस दौरान सभी निर्वाचन अधिकारियों को नाम निर्देशन पत्रों की बिक्री विकास खण्ड स्तर पर किये जाने एवं नाम निर्देशन पत्र प्राप्त करने, नाम निर्देशन पत्रों की जांच एवं उम्मीदवार द्वारा उम्मीदवारी वापस लेने, निर्वाचन प्रतीकों के आवंटन एवं निर्विरोध निर्वाचन जैसे महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर चर्चा की गयी।
            बैठक में राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित समय सारिणी व निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप नाम निर्देशन पत्रों को प्राप्त करने तथा उम्मीदवारों से जमानत की धनराशि जमा कराये जाने के सम्बन्ध में विस्तार से बताया गया। सभी निर्वाचन अधिकारियों को उम्मीदवारों द्वारा प्रस्तुत किये गये नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा (स्क्रूटनी) करने की विधि, किसी भी नाम निर्देशन पत्र को निर्देशन पत्रों की सूची तैयार करने जांच के उपरान्त विधिमान्य पाये गये उम्मीदवारों की सूची निर्धारित प्रारूप पर तैयार करने पर चर्चा की गयी। इसके साथ ही उम्मीदवारों द्वारा नाम वापसी की व्यवस्था से सम्बन्धित कार्य एवं उम्मीदवारी वापस लेने के बाद निर्विरोध निर्वाचित तथा निर्वाचन लडऩे वाले उम्मीदवारों की सूची तैयार करने एवं निर्वाचन प्रतीक आवंटित करने के बारे में विभिन्न बिन्दुओं पर विस्तार से प्रशिक्षण प्रदान किया गया। अपर जिलाधिकारी एम.के.त्रिवेदी द्वारा राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों तथा शासकीय, अर्द्धशासकीय कर्मचारियों के लिए लागू आदर्श आचार संहिता के विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गयी।
            प्रशिक्षण सत्र की अध्यक्षता करते हुये जिलाधिकारी ने कहा कि निर्वाचन कार्य से जुड़े सभी अधिकारी एवं कर्मचारी निर्देशों को गंभीरता से लें तथा सौंपे गये कार्य को पूरी निष्ठा एवं लगन से सम्पादित करें, जिससे कि निर्वाचन के इस महत्वपूर्ण कार्य को भली भांति संपन्न किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि समय-समय पर जारी किये जा रहे आदेशों-निर्देशों का अध्ययन कर लें तथा गंभीरतापूर्वक अपने दायित्वों का निर्वाह्न करें। इस अवसर पर एसडीएम महरौनी यशु रूस्तगी, सीडीओ अरूण कुमार उपाध्याय, एसडीएम सदर रमेशचंद्र तिवारी, एसडीएम मड़ावरा, डीडीओ देवेन्द्र प्रताप, तहसीलदार सदर अवधेश निगम समेत सभी विकास खण्डों के निर्वाचन व सहायक निर्वाचन अधिकारी एवं जिला सूचना अधिकारी चन्द्रचूड़ दुबे मौजूद रहे।

फिर टूटने से बचे छह परिवार
परिवार परामर्श केन्द्र में पहुंचे घर-घर के विवाद
ललितपुर। पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चैधरी के कुशल निर्देशन में प्रत्येक शनिवार को महिला थाना में आयोजित होने वाले परिवार परामर्श केन्द्र से महिलाओं को सुलभ और सहज न्याय दिलाया जा रहा है। आज इस केन्द्र में आधा दर्जन मामलों में आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया।
            कोतवाली महरौनी अंतर्गत ग्राम सिलावन निवासी विनोद पुत्र सुखपाल प्रजापति ने बताया कि उसकी शादी वर्ष 2007 में शहर के महावीरपुरा निवासी जगन्नाथ प्रजापति की पुत्री रीना के साथ हुई थी। शादी के बाद से उसकी पत्नी मायके पक्ष के बहकावे में आकर घर वापस नहीं आ रही है। इधर ग्राम रजवारा निवासी पुष्पा पत्नी चैपू कुशवाहा ने पड़ौस में रहने वाले भगवत पुत्र हल्के पर बच्चों के विवाद में मारपीट करने का आरोप लगाया। मोहल्ला रामनगर निवासी भुवन पत्नी सुन्दरलाल ने अपनी बड़ी बहू पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। नईबस्ती गांधीनगर निवासी दीपिका पत्नी राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि बीती 25 सितम्बर को जब वह घर में काम कर रही थी, तभी उसके पति, सास व तीन देवरों ने गाली-गलौच कर उसके साथ मारपीट कर दी। थाना बानपुर अंतर्गत जैन मंदिर के पास निवासी किरन पत्नी रामू सोनी ने आरोप लगाया कि उसकी सास ने उसे सात माह की गर्भावस्था में घर से बेदखल कर दिया। महरौनी के ग्राम करौंदा निवासी रामसेवक पुत्र नाथूराम अहिरवार ने बताया कि पन्द्रह वर्ष पहले उसकी शादी ग्राम पनारी निवासी प्रभा पुी चन्नू के साथ हुई थी। शादी के बाद से उसका भाई सतीश उसे समस्त जेवर लेकर ले गया था, तब से उसकी पत्नी वापस नहीं आयी। इन सभी मामलों में दोनों पक्षों को केन्द्र पर बुलाकर आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारित किया गया। इस दौरान परिवार परामर्श केन्द्र प्रभारी रचना राजपूत व सदस्य सुधा कुशवाहा मौजूद रहीं।

वाराणसी में सन्तों पर लाठीचार्ज पर विहिप आक्रोशित
महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर उठायी दोषियों पर कार्यवाही की मांग
ललितपुर। संसदीय क्षेत्र वाराणसी में रात के अंधेरे में साधु-सन्तों पर किये गये बर्बर लाठीचार्ज को लेकर विश्व हिन्दू परिषद ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। इस सम्बन्ध में प्रदेश के महामहिम राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन एडीएम एम.के.त्रिवेदी को सौंपकर लाठी चार्ज करने वाले व आदेश देने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही किये जाने की मांग की है।
            विहिप ने बताया कि सदियों से प्रतिवर्ष परम्परागत तरीके से धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रीगणेश, दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन देश की पावन नदियों, सरोवरों, जलाशयों एवं बांधों में होता चला आ रहा है। इसी क्रम में गत 22 सितम्बर को वाराणसी में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन को पावन गंगा में किया जा रहा था। जिला प्रशासन ने उन्हें बलपूर्वक रोक दिया। आरोप लगाया कि जब इसका विरोध किया गया तो प्रदेश शासन के निर्देश पर पुलिस प्रशासन ने देर रात अंधेरे में शांतिपूर्वक धरना दे रहे संतों पर बर्बरता पूर्वक लाठी चार्ज कर दिया। जिसमें कई सन्त गंभीर रूप से घायल हो गये। विहिप ने महामहिम राज्यपाल से पूज्य सन्तों पर लाठी चार्ज करने वाले एवं आदेश देने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही किये जाने की मांग की है। ज्ञापन देते समय सुधांशु शेखर हुण्डैत, बृषभान भारद्वाज, राहुल कुमार जैन, देवेन्द्र गंगेले, भगवान सिंह बुन्देला, भरत रिछारिया, रामगोपाल गोस्वामी, के.के.दुबे, अमित चैबे, डा.प्रबल सक्सेना, राजेश दुबे, रूपेश दुबे, शशांक शेखर हुण्डैत, सुबोध गोस्वामी, भरत पुरोहित, सौरभ पाठक, प्रशान्त पटैरिया, राजवीर सिंह, शिवेन्द्र चैहान, धर्मेंद्र पाल, रवि, कृष्णकान्त रजक, अविनाश कुमार, आकाश साहू, आशीष कटारे, अभिषेक मिश्रा, तरूण यादव, अंत कुमार, शुभम श्रीवास्तव, अभय राजा, अनुज पाठक, करन कुशवाहा, रूपम शर्मा, मानष शुक्ला, पुनीत रजक, सरदार तरनदीप सिंह, अनुराग मिश्रा, सौरभ समेत अनेकों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

जखौरा आवासीय विद्यालय में किया गया बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण
डाक्टरों की टीम ने बच्चों को बताये स्वस्थ्य रहने के उपाय
ललितपुर। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जखौरा के एबीआरसी कार्यालय में चिकित्सकों की टीम ने विहान बालिका आवासीय विद्यालय में बालिकाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया। शिविर में मेडीकल ऑफीसर डा.संजय सिंह, डा.समता खरे, नेत्र सहायक नारायणदास, स्टाफ नर्स पूजा मिश्रा की टीम ने बारी-बारी से बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस दौरान प्रत्येक बालिका का वजन लिया गया। इस दौरान कुछ बच्चों को गलसी, बुखार, कमजोरी आदि की दवायें भी वितरण की गयी। इस दौरान टीम सदस्यों ने बच्चों व उनके अविभावकों को स्वस्थ्य वातावरण बनाकर रखने एवं स्वस्थ्य रहने के उपाय बताये। बताया कि खाना खाने के पहले व तुरंत बाद में हाथ को साबुन से अच्छे तरीके से धोना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने बालिकाओं को दवा खाने के बाद अधिक से अधिक पानी का सेवन करने की सलाह दी। इससे पहले भी जखौरा की टीम ने पिछले महीने स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाया था। जिसका प्रमुख उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को स्वस्थ्य रखना था। इस दौरान बालिकाओं को स्वास्थ्य के प्रति सदैव सचेत रहने की बात कही गयी। मौके पर विद्यालय की वार्डन सावित्री, लेखाकार धर्मेश, अध्यापिका सुमन देवी, पूजा, शुभान्जली, मैनेजर देशराज सिंह आदि मौजूद रहे।
ममत्व को घटाकर ही परिणामों निर्मलता का आना सच्चा त्याग: आर्यिका पूर्णमति
ललितपुर। त्याग आत्मा को स्वस्थ और सुन्दर बनाता है व्यक्ति को त्याग का संस्कार प्रकृति से मिला है  जिसके बिना हमारा जीवन कष्टमय बन जाता है। ममत्व को घटाकर परिणामों में निर्मलता का आना ही त्याग है। उक्त विचार आर्यिकारत्न पूर्णमति माता जी ने क्षेत्रपाल मंदिर में पर्यूषण पर्व के दौरान धर्मसभा को सम्बोधित करते व्यक्त किए। उन्होने कहा धन की तीन ही गति मानी गई है  यदि किसी को दे दिया, परोपकार सेवा में लगा दिया तो ठीक है, उसका उपभोग कर लिया तो ठीक अन्यथा नाश तो होना ही है त्याग  को मानव का जीवन बताते हुए उन्होने कहा कि यह आभूषण है और सुख शान्ति तथा उन्नति का मार्ग है जिसको धारण करने में ही व्यक्ति को शान्ति की अनुभूति होती है। आर्यिका श्री ने कहा व्यक्ति जब जन्म लेता है तो मां को पीडा देता है और संसार में आता है तो तरह तरह के कष्ट भोगता है और जब मरता है तो शोक देता है उन्होने कहा कि जीवन में पुरूषार्थ करें तो मर कर नारायण बन ता है और न करे तो नारकी बन जाता है । प्रभु की भक्ति को मुक्ति का मार्ग बताते हुए उन्होने पुण्य कार्य में दृष्टि लगाने को कहा। दानवता से मानवता और मानवता से भगवत्ता को प्राप्त करने में ही कल्याण है।
            आज मध्यान्ह में आर्यिका पूर्णमति माताजी का आशीर्वाद लेकर क्षेत्रपाल मंदिर जी से लगभग दो हजार शिविरार्थी महिला पुरूष 12 वसों के काफिले के साथ बीनावाराह के लिए रवाना हुए। जहां वह चातुर्मास रत आचार्य श्रेष्ठ श्री विद्यासागर जी महाराज के ससंघ दर्शन एवं प्रवचन लाभ लेंगे। जैन पंचायत के अध्यक्ष अनिल जैन अंचल ने बताया कि ललितपुर नगर में आचार्य श्री के आगमन के लिए शिविरार्थी अपना श्रीफल अर्पित करेंगे।
डायट में हुई काउंसलिंग में भ्रष्टाचार का आरोप
छात्रों ने डीएम को शिकायती पत्र भेजकर उठायी जांच की मांग
ललितपुर। जिला प्रशिक्षण एवं शिक्षा संस्थान (डायट) में तीसरी काउंसलिंग में गड़बड़ी किये जाने एवं अवैध वसूली की जांच कराये जाने की मांग करते हुये कुछ छात्रों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र भेजा है।
            शिकायती पत्र में छात्रों ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2014 बैच के उच्च मैरिट सूची एवं कटऑफ गुणांक में शामिल हैं, लेकिन डायट स्टाफ एवं काउंसलिंग स्टाफ ने केबल उन अभ्यर्थियों को सीटें आवंटित की हैं, जिनकी या तो किसी राजनेता ने फोन पर सिफारिश की या फिर जिन्होंने अवैध तरीके से सुविधा शुल्क मुहैया कराया।  आरोप लगाया कि काउंसलिंग के बावजूद भी कुछ पात्र विद्यार्थियों को सीट आवंटित नहीं की गयी। उन्होंने जिलाधिकारी से इस मामले में गोपनीय तरीके से जांच कराते हुये दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की है। ज्ञापन देते समय छात्र नेता अंकित साहू कैलगुवां, रवि पाल, संजय गुप्ता, अंजुल तिवारी, आशीष साहू, प्रतिका शुक्ला, अंकित, शशांक, ज्योति यादव, शिवा पस्तोर, शिवम साहू, नरेन्द्र सिंह, पंकज सोनी, बृजपाल, सतीश लक्ष्यकार आदि मौजूद रहे।

ईश्वर ही प्रेम है-प्रेम ही ईश्वर है: प्रो.शर्मा
प्रेमावतार श्रीकृष्ण जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया
ललितपुर। आध्यात्मिक संस्था अभ्युदय द्वारा श्री जगदीश सनातन सभागार में आयोजित सत्संग को संबोधित करते हुये संस्था प्रमुख प्रो.भगवत नारायण शर्मा ने कहा कि प्रत्येक पवित्र मानवीय सम्बन्ध ईश्वरीय प्रेम का रूप ले सकता है। इसे प्रमाणित करना ही कृष्णावतार का मूल उद्देश्य है।
            अन्तर्यामी के रूप में कृष्ण प्रत्येक के हृदय में विराजमान हैं। वह पार्थ सारथी हमारा भी सारथ्य करेगा। गीता सुनायेगा। विजय का लाभ करायेगा। कर्मयोगी को परमेश्वर रथ के घोड़ों को खरहरा करता है। कहीं राजसूय यज्ञ में जूंठी पत्तलें उठाता है, गायें चराता है। पीताम्बरा में दाना-रतेवा बांधकर घोड़ों को खिलाता है। अर्जुन के सारथी बने श्रीकृष्ण का चित्र जैसे ही हम आंखों में बसाते हैं कि हमारा मन मयूर आनंद से झूम उठता है। क्योंकि भगवान श्रीकृष्ण आनंद के परम तत्व के प्रतीक हैं। क्योंकि वे सभी के सखा है। प्रो.शर्मा ने आगे कहा कि श्रीकृष्ण अवतार की लीलाओं में अद्भुत मानवीय रस है। भक्त कवियों ने दाम्पत्य और बात्सल्य को उच्च धरातल प्रदान करके मानव जीवन को पूर्णता की ओर उन्मुख किया है। प्रो.शर्मा ने अंत में कहा कि आज सर्वत्र लोगों में एक अविवेक शीलता, आवेगमयता, एक नैतिक शून्यता दिखायी देती है। परन्तु यदि हमें गलत बातों से भ्रष्ट नहीं होना है तो हमें रामायण, महाभारत और श्रीमद् भागवत जैसे सद ग्रंथों में सम्मिलित अपनी प्राचीन धरोहर को सुरक्षित रखते हुये, उसे सम्बर्धित करना होगा। ये ग्रंथ और इनके चरित्र नायक राम और कृष्ण आज भी दिशाहीनता की अंधेरी सुरंग में भटकाव की शिखर यंत्रणा ग्रस्त मानवता के लिए प्रकाश स्तम्भ हैं। योगेश्वर श्रीकृष्ण संपूर्ण भागवत शक्ति के पुंज हैं। संस्कृताचार्य डा.ओमप्रकाश शास्त्री ने कहा कि सभी देवी स्वरूप से युक्त होते हैं, परन्तु आसुरी शक्तियां प्रमादवश उसे ढक लेती हैं। विचार मंथन में डा.पूरन सिंह निरंजन, डा.पुनीत बिसारिया, आचार्य सत्यनारायण तिवारी, कैलाश दुबे, विलास पटैरिया, इन्दर राजा परमार, रामकिशोर विश्वकर्मा, गोविन्द व्यास, महेन्द्र रावत, कृष्ण देव लिटौरिया, राजेश देवलिया, भगवत सिंधी, प्रज्ञा सिसौदिया, कामिनी जैन, दीपिका वर्मा, किशोरीशरण श्रीवास्तव, कर्नल ब्रह्मदत्त पाण्डेय, महेन्द्र झा ने भी अपने विचारों को रखा। अंत में सभी का आभार पं.चन्द्रविनोद हुण्डैत ने व्यक्त किया।

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