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Wednesday, September 9, 2015

ल‍लितपुर समाचार, 10 सितंबर, 2015 दैनिक सरोकार की मीडिया

ल‍लितपुर समाचार, 10 सितंबर, 2015 दैनिक सरोकार की मीडिया


हल्ला बोल आंदोलन 31 अक्टूबर को
ललितपुर। हरित क्रान्ति संचालक हरिनारायण शर्मा ने एक पत्र जारी करते हुये बारिश न होने से बर्बाद हुई उड़द की फसल व पिछला मुआवजा किसानों को न मिलने पर आगामी 31 अक्टूबर को श्हल्ला बोल्य आंदोलन करने की चेतावनी दी है। कहा कि किसानों ने मुख्यालय आकर मुआवजा की मांग पर जिला प्रशासन को कईयों प्रार्थना पत्र दिये हैं। बावजूद इसके किसानों को आश्वासन भी मिला है। कहा कि 31 अक्टूबर को किसानों के हित में स्टेशन तिराहा देवगढ़ रोड पर हल्ला बोल आंदोलन किया जायेगा। तदोपरान्त जिलाधिकारी को एक ज्ञापन भी सौंपा जायेगा। उन्होंने किसानों व आमजन से आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। इस दौरान शकीलउद्दीन, दिनेश शर्मा, सुरेश, पुष्पेन्द्र सिंघई, नीरज सीरौठिया, के.के.रिछारिया, बाबूलाल सेन, मगन सीरौठिया आदि मौजूद रहे।

मण्डल व जिला कार्यकारिणी का गठन
ललितपुर। ब्राह्मणों को एकसूत्र में बांधकर समाज को मजबूत करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय ब्राह्मण महासंघ द्वारा मण्डल व जिला कार्यकारिणी का विस्तार किया गया है। जिसमें प्रदेश सचिव विक्रान्त रावत द्वारा मण्डल व महिला विधानसभा प्रकोष्ठ का गठन किया गया। जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रमोद शर्मा की सहमति से विभिन्न पदों पर नियुक्त कर मनोनयन पत्र हस्तगत कराये गये। जिसमें श्यामाकान्त चैबे को मण्डल झांसी अध्यक्ष, शेष शंकर मालवीय को मण्डल उपाध्यक्ष, जी.एस.तिवारी को मण्डल महासचिव, गनेशीलाल श्रंगी को जिला प्रभारी झांसी, अनुराग पाण्डेय को जिला प्रभारी बांदा, लीला पाठक को ललितपुर जिला प्रभारी, अंकित दुबे को जिला सचिव, प्रभात मिश्रा को जिला प्रचार मंत्री, मोहित शर्मा को विधानसभा का अध्यक्ष, राहुल गोविंद को विधानसभा महासचिव मनोनीत किया गया।

बीटीसी की हाई मैरिट पर आक्रोशित हुये प्रशिक्षु
ललितपुर। बीटीसी 2014 की प्रवेश सूची जो कि विगत दिवस जारी की गयी थी। उक्त सूची को निरस्त कर जो नवीन सूची जारी की गयी है। उक्त नवीन सूची में मैरिट को काफी बढ़ाये जाने पर बीटीसी प्रशिक्षुओं ने आक्रोष प्रकट किया है। इस सम्बन्ध में जिला प्रशिक्षण एवं शिक्षण संस्थान की प्राचार्य डा.कीर्ति शुक्ला व जिलाधिकारी को प्रशिक्षुओं ने ज्ञापन सौंपकर मैरिट में सुधार कराये जाने की मांग को प्रमुखता से उठाया है। ज्ञापन देते समय मो.आसिफ, संजय जाटव, अंकित साहू, दीपक कुमार, गोवर्द्धन अहिरवार, राकेश कुमार, रामसहाय, पवन यादव, इमरत अहिरवार, किशोर कुमार, नीलेश, राजेश यादव, विपिन कुमार, विक्रम सिंह, वीरेन्द्र सिंह, हिर्देश पांचाल, सुनील, रूखसार अंजुम, राविया, कविता, सोमती, शायना, सितारा बानो, अंजली, कल्पना, एकता, कामिनी, रामअवतार, सोनल सिंह, पलक जैन, निकिता श्रीवास्तव, पल्लवी रावत, भगवत प्रसाद, अंकित साहू, धर्मेन्द्र कुमार, राजकुमारी, दीपक यादव, विनोद सिंह, सुरेन्द्र प्रताप, सतीश रजक, मयंक श्रीवास, नीतेश साहू के अलावा अनेकों प्रशिक्षु मौजूद रहे।

सांसारिक अज्ञानता से मुक्ति का साधन शिविर: आर्यिकाश्री
पर्यूषण पर्व पर क्षेत्रपाल मंदिर रहेगा आत्मसाधना का केन्द्र
ललितपुर। श्रावक संस्कार शिविर पर आर्यिकारत्न पूर्णमति माताजी ने कहा कि सांसारिक अज्ञानता से मुक्ति का सााधन शिविर हैं। श्रावकों को शुभ कार्याे में लगाने की भावनात्मक अनुभूति होती है। यह शिविर ज्ञान स्वरूपी आत्मज्ञान का प्रतीक है। लौकिक ज्ञान के साथ धार्मिक ज्ञान को उपयोगी बताते हुए कहा कि समाज में ऐसे लोग जो नास्तिक है जिनकी देव शास्त्र गुरू के प्रति आस्था नहीं है वह भी आस्थावान हो जाते हैं। बताया कि दस दिन तक चलने वाले संस्कार शिविर में ब्रह्मचारी भैया, वहिनों द्वारा धार्मिकता नैतिकता का बोध कराया जाता है। दस दिन तक उत्कृष्ठ त्याग की भावना से त्याग करने वाले शिविरार्थियों को आहार देने का पुण्र्याजन महिला शिविरार्थियों द्वारा किया जाता है।
            शिविर में अभिषेक पूजन, शान्तिधारा सामायिक साधना, गुरूभक्ति, आरती के अतिरिक्त भक्ताम्मर पाठ, तत्वार्थ सूत्र आदि का शिक्षण भी मिलेगा। श्रावक शिविर को अनुपम अद्वितीय बताते हुए आर्यिका श्री ने कहा कि साधू सानिध्य में जहां श्रावकों को अपनी साधना का मौका मिलता है वहीं जीवन जीने की कला भी मिलती है। गुरू सेवा को पुण्य का कार्य बताते हुए आर्यिका श्री ने कहा कि मानव को आत्मशान्ति का सन्मार्ग प्राप्त करने के लिए धार्मिक ज्ञान जरूरी है। धर्मसभा का शुभारम्भ आचार्य श्रेष्ठ विद्यासागर महाराज की सुशिष्या आर्यिकारत्न पूर्णमति माता जी ने संस्कार शिविरों के आयोजन को उपयोगी बताते हुए कहा कि इसमें शिविरार्थियों को धार्मिक एवं नैतिकता का बोध होता है। इसमें परिणामों में विशुद्धता आती है और यह जीवन में विरक्ति का कारण बनते हैं। क्षेत्रपाल मंदिर में धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए उन्होने कहा कि श्रावकों को चाहिए कि संस्कारों को संवराने के लिए लगने वाले शिविरों में सम्मलित हो। इससे जीवन संवारा जा सकता है। आर्यिकाश्री ने कहा कि बतलाया। जव तक जीवन से राग नहीं छूटेगा कल्याण नहीं। उन्होने कहा कि ज्ञान के वगैर जीवन अधूरा है जीवन जीना भी एक कला है। जियो तो ऐसा जिओ कि परिणामों में संक्लेश न हो।  ज्ञान का उपयोग करने से जीवन में शान्ति आती है और कल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है।
            धर्मसभा का मंगलाचरण विमल जैन ने किया। शास्त्र भेंट श्रावक श्रेष्ठी जिनेश्वरदास, अनिल कुमार, राजीव कुमार, संजीव कुमार ने किया। चित्र अनावरण अनुराग सिंघई, प्रकाश मयूर, शान्त, मनोज नजा, प्रकाश, अजय अलया, चंद्रकान्त, अरविन्द, पुष्पेन्द्र ने किया। राजस्थान के निवाई जिले में चातुर्मास कर रहे वात्सल्य मूर्ति आचार्य वर्द्धमानसागर महाराज के अचानक अस्वस्थ हो जाने की खबर जैन समाज में ज्यो ही लगी आज सुबह आर्यिका पूर्णमति माता जी के सानिध्य में जैन समाज ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। स्मरण रहे कि आचार्य वर्द्धमान सागरजी महाराज जैन जगत के प्रख्यात संत है जिनके माध्यम से अपूर्व धर्म प्रभावना हो रही है। जैन पंचायत के महामंत्री डा.अक्षय टडैया, संयोजक प्रदीप जैन सतरवांस, मुकेश सर्राफ, कपूर चंद, भगवानदास, राजेन्द्र जैन, पार्षद पंकज जैन, जितेन्द्र जैन, शुभेन्दु जैन, विमल जैन, सत्येन्द्र जैन, मनोज जैन, नीरज जैन, गैंदालाल सतभैया, गोकुलचंद, जिनेन्द्र जैन, अभिषेक, विजय जैन, जिनेन्द्र जैन, सुधीर जैन आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

बैठक सम्पन्न
ललितपुर। भूमि संरक्षण अधिकारी द्वितीय ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला भूमि एवं जल संरक्षण समिति की बैठक कलैक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई। जिसमें सचिव/भूमि संरक्षण अधिकारी द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों पर जिला विकास अधिकारी द्वारा समिति के सदस्यों एवं जन प्रतिनिधियों की उपस्थिति में विस्तृत चर्चा कर आरआई डीएफ-21 एवं कॉपर्स फण्ड अनुरक्षण हेतु भूमि संरक्षण इकाई की 5 परियोजनाओं एवं भूमि संरक्षण इकाई महरौनी की 14 परियोजनाओं के क्रियान्वयन हेतु स्वीकृति प्रदान की गई है।

ज्ञान से भरपूर आत्मा सदा संतुष्ट रहती है: बी.के.चित्ररेखा
वरदानी भवन में महावाक्य (मुरली) का अमृत वचन जारी
ललितपुर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की स्थानीय शाखा वरदानी भवन में महावाक्य (मुरली) का अनुश्रवण कराते हुये बड़ी दीदी बी.के.चित्ररेखा ने अनुयायियों को संबोधित किया।
            बड़ी दीदी ने कहा कि परमात्मा, भगवान, ईश्वर, प्रभु, खुदा, अल्लाह, कोई शक्ति है, पर वह कौन है ? कहां है ? कैसा है ? क्या करता है ? कैसे मिलता है ? मिलता भी है या मिलने का पुरुषार्थ ही चलता रहता है। यह अन्दर में चलता है, तो इन बातों को जानना बहुत जरूरी है। इन्हें जानने से अंदर से आत्मा भरपूर बन जाती है और भरपूर आत्मा सदा संतुष्ट रहती है। परमात्मा, परम आत्मा, शिव भगवान है क्योंकि शिव ही सर्व शक्तिमान, सर्वोच्च, सर्वोपरि, सर्वश्रेष्ठ है। यह सारी विशेषता शिव परमात्मा में ही है। परमात्मा शिव बिन्दु रूपी ज्योति स्वरूप है। परमात्मा शिव परम धाम का वासी है, परमात्मा शिव के तीन अलौकिक कार्य हैं। वह ब्रह्मा द्वारा स्थापना का कार्य करता है, शंकर द्वारा महापरिवर्तन व विष्णु द्वारा पालने का कार्य करता है। इसीलिए शिव परमात्मा को करन करावन घर कहा जाता है। परमात्मा रूप में बिन्दु रूप है, पर गुणों के सिंधु माना सागर है। परमात्मा शान्ति, , क्षमा, प्रेम का सागर है। शिव निराकार है, शंकर रचना हैं। जब धर्म की ग्लानि होती है, तब सत्य धर्म की स्थापना के लिए भगवान का अवतरण होता है।

काला अक्षर भैंस बराबर जैसी कहावतें कालातीत नहीं हो पा रहीं हैं: प्रो.शर्मा
विश्व साक्षरता दिवस पर अभ्युदय संस्था ने किया विचार मंथन
ललितपुर। सांस्कृतिक संस्था अभ्युदय के तत्वाधान में श्रीजगदीश सनातन सभागार में आयोजित विश्व साक्षरता दिवस पर परिचर्चा में नेमवि पूर्व प्राचार्य प्रो.भगवत नारायण शर्मा ने कहा रूस में जारशाही की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि साइबेरिया में साक्षरता दूर करने में 430 वर्ष लगेंगे, परन्तु 1917 की रूसी क्रान्ति के मात्र दो दशकों के भीतर ही निरक्षरता का दानव का उसी प्रकार अंत हो गया, जिस प्रकार त्रेता युग में सोने की लंका दहन और दशानन संहार के बाद राम के राज्य में सभी स्त्री-पुरुषों की तरक्की के बंद दरबाजे खुल गये और निरक्षरता दूर होना तो आसान चीज है। उससे भी सुखद और बेहतर ऐसी स्थिति आ गयी कि गोस्वामी तुलसीदास कहते हैं कि कोई भी बेरोजगार नहीं रह गया क्योंकि रामराज्य में सभी हुनरमंद हो गये, साक्षर तो हो ही गये साथ ही प्रबुद्ध भी बन गये। नहीं कोई अबुद्ध, न लक्षण होना। प्रो.शर्मा ने आगे कहा कि मजबूत इच्छा शक्ति एवं अवसरों की समान गारण्टी युक्त सिस्टम की सुनियोजित उपलब्धता के कारण काला अक्षर भैंस बराबर या बुन्देली कहावत औ-ना-मा-सी-धम्म, बाप-पढ़े न हम्म। यानी दो पीढिय़ों से ओम नमरू सिद्धम का वैदिक विद्यारम्भ का मंत्र जाना ही नहीं। जैसी त्रासद स्थिति झेलते चले आ रहे हैं। 15 अगस्त 1947 के बाद निसंदेह लोक कल्याणकारी संविधान तथा प्रशासन के भव्य प्रबंधन के अंतर्गत । प्रो.शर्मा ने कहा कि कुछ टापुओं पर सुख-सुविधाओं की बौछार हुई है, परन्तु अभी भी देश की 50 प्रतिशत जनता अपना अस्तित्व का संकट झेल रही है। जब तक जिसकी लाठी, उसकी भैंस जैसी कहावतें कालातीत नहीं होंगी, तब तक आधी आबादी काला अक्षर भैंस बराबर का दंश झेलती रहेंगी। साक्षरता या प्रबुद्धता ही ऐसा ब्रह्मास्त्र है, जो जनसंघर्ष को विजयान्तक मंजिल तक पहुंचा सकता है। परिचर्चा में डा.पूरन सिंह निरंजन, डा.रामकुमार रिछारिया, कामिनी जैन, प्रज्ञा सिसौदिया, विनीत चतुर्वेदी, सत्यनारायण तिवारी, इन्दर राजा परमार, गोविन्ददास, दीपिका वर्मा, पुरुषोत्तम सेन, कर्नल ब्रह्मदत्त पाण्डेय, महेन्द्र झां, भन्ते बाल्मीकि आदि मौजूद रहे। अंत में चन्द्रविनोद हुण्डैत ने सभी का आभार जताया।

आरोप: डिलेवरी व नसबंदी उपचार में मांगा गया सुविधा शुल्क
कांग्रेसियों ने महिला चिकित्सक के खिलाफ एसडीएम को भेजा ज्ञापन
ललितपुर। उत्तर प्रदेश शासन भले ही लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवायें प्रदान करने का दम भर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत से यह दावा खोखला साबित करने पर ललितपुर मुख्यालय स्थित जिला महिला चिकित्सालय को कोरी कसर नहीं छोड़ रहा है। चाहे पुरुष चिकित्सालय हो या महिला दोनों चिकित्सालयों में लापरवाहियों की बयार बह रही है। समय-समय पर किये जाने वाले निरीक्षण में भी आलाधिकारियों को गुमराह कर दिया जाता है। यदा-कदा लापरवाही पकड़ी भी जाती है तो महज छोटे कर्मचारियों पर कार्यवाही कर अपने कर्तव्यों से इतिश्री कर ली जाती है।
            महिला चिकित्सालय में तो मानों चिकित्सक व स्टाफ की कमी के चलते मनमानी चरम पर है। यहां तैनात महिला चिकित्सक पर कईयों बार घोर लापरवाही के आरोप लिखित व मौखिक रूप से लगाये गये हैं। बावजूद इसके प्रभारी सीएमएस द्वारा बजाय महिला चिकित्सकों पर कार्यवाही करने के सफाई कर्मियों या बहुत हुआ तो किसी स्टाफ नर्स पर कार्यवाही कर मामले को रफा-दफा कर दिया जाता है। सुदूर ग्रामीण अंचलों व शहर से लोग सिर्फ इसी उम्मीद के साथ चिकित्सालय आते हैं कि शासन की मंशानुरूप बेहतर उपचार हो सकेगा, लेकिन अवैध वसूली व उपचार में लापरवाही के चलते मरीज व तीमारदार स्वयं को ठगा सा महसूस करते हैं। हालांकि ललितपुर के जिलाधिकारी जुहेर बिन सगीर के सख्त निर्देशों के बावजूद घटनायें तो हो रहीं हैं, परन्तु उजागर नहीं हो पाती। इसी का लाभ उठाते हुये पीड़ितों पर दबाव बनाकर उनकी आवाज को शान्त कर दिया जाता है और महिला चिकित्सालय में व्यापक पैमाने पर अनियमित्ताओं का खेल बदस्तूर जारी है।
            बीती 10 मई को गांधीनगर निवासी निरभीक शर्मा की पुत्रवधु को तीसरी डिलेवरी के लिए जिला चिकित्सालय में दाखिल कराया गया था। आरोप लगाया कि तत्समय चिकित्सालय में तैनात महिला चिकित्सक ने डिलेवरी के नाम पर पांच हजार रुपये की मांग की गयी थी, जो न देने पर मजबूरन उन्हें अपनी पुत्रवधु की डिलेवरी निजी चिकित्सालय में करानी पड़ी। डिलेवरी उपरान्त नसबंदी के लिए महिला चिकित्सालय में जाने पर फिर से अवैध सुविधा शुल्क मांगा गया, जिसे न देने पर ऑपरेशन में भारी अनियमित्तायें बरतीं गयीं। आरोप है कि सुविधा शुल्क में पांच हजार रुपये न देने पर उनकी पुत्रवधु की पेशाब की नली बंद कर दी गयी, जिससे पेट में दर्द होने पर फिर से निजी चिकित्सालय में उपचार कराया। मामले की शिकायत करने पर भी अभी तक परिणाम परिलक्षित नहीं हुये हैं। इस मामले में नगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष हरीबाबू शर्मा के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने एक ज्ञापन उप जिलाधिकारी सदर रमेशचंद्र तिवारी के नाम स्टेनो अनिल दीक्षित को सौंपते हुये उक्त महिला चिकित्सक पर दण्डात्मक कार्यवाही किये जाने की मांग पुरजोर तरीके से उठायी है। ज्ञापन देते समय नगराध्यक्ष हरीबाबू शर्मा, ऊदल सिंह पटेल, अमित प्रिय जैन, निरभीक शर्मा, समद खां, रामनरेश दुबे, आनंद कुशवाहा, रिजवान, मो.आसिफ समेत अनेकों कांग्रेसी मौजूद रहे।

निरन्तर जारी है किसानों का मुख्यालय आगमन
अंधेर, बंदपुरा, खजुरिया, बरौदिया, सिंगरवारा के किसानों ने डीएम को भेजा ज्ञापन
ललितपुर। बारिश न होने के कारण खेत में बोई गयी उड़द की फसल में पीला रोग लगा है। पीला रोग लगने से उड़द की फसल नष्ट हो गयी है। ओलावृष्टि व अतिवृष्टि से बर्बाद हुईं पिछली फसलों का मुआवजा न मिलने के बावजूद भी किसानों ने किसी प्रकार उड़द की फसल बोई थी। ऐसी स्थिति में अब किसानों ने सरकार से मुआवजा राशि जल्द से जल्द दिलाये जाने की मांग को बल दे दिया है। बुधवार को आधा दर्जन से अधिक गांव के किसानों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजते हुये बर्बाद फसलों का मुआवजा जल्द दिलाये जाने की मांग उठायी है।

            ज्ञापन में गौ रक्षा दल कार्यकताओं ने उड़द की बर्बाद हुई फसल का सर्वे के साथ पिछला मुआवजा जल्द दिलाये जाने की मांग उठायी है। बताया कि ग्राम अंधेर, बंधपुरा के किसानों को मिलने वाले मुआवजे की लिस्ट फीड हो चुकी है। सेठ-साहूकारों से कर्जा लेकर किसानों ने फसल बोई थी। अब जल्द ही मुआवजा वितरण किये जाने की मांग की है। ज्ञापन देते समय अवतार सिंह यादव, सुनील पटैरिया, इमरत सिंह, पचुआ, जीवन, उमेश, नीलेश, बालचंद्र, निरभान अहिरवार, रामप्रसाद, भरत सिंह यादव, सुनील यादव, कृष्णपाल, गब्बर यादव, शिवशंकर, सुजान सिंह, रामबिहारी, अरविंद, रोशन, राकेश, रामेश्वर, परसादी पाल, प्रसन्न, दुरक यादव, अर्जुन सिंह आदि मौजूद रहे। इसी प्रकार ग्राम अंधेर के सुमन पटैरिया, मोहनलाल अहिरवार, खिलान, अजुद्दी, रामू, हरदास, रमेश्वरा, राकेश सहरिया, परसादी पाल, सीताराम, राकेश सहरिया, दुज्जा, जीवन, सुन्ना, नीलेश पाठक, इमरत सिंह, कुंवरलाल प्रकाश, परमानंद सहरिया आदि ने मुआवजा की मांग की है। ब्लाक बिरधा के ग्राम खजुरिया के किसानों ने खेतों में खड़ी उड़द की फसल का मुआवजा दिलाये जाने की मांग की है। ज्ञापन देते समय लकी खजुरिया, संतोष बरार, मु.जाबिर, काशीराम, इमरान, सलीम, सुखदेव साहू, लखनलाल, सरफराज, हरप्रसाद अहिरवार, राहुल वंशकार, धनीराम, राघवेन्द्र, सुखपाल राय, बारेलाल, कृपाल, दुर्गा प्रसाद, सुरेन्द्र समेत अनेकों किसान मौजूद रहे। इसी प्रकार मड़ावरा के ग्राम बरौदिया, सिंगरवारा, पटना के किसानों ने उड़द की फसल का मुआवजा दिलाये जाने की मांग की है। ज्ञापन देते समय ग्राम प्रधान राजाराम दुबे, अनुराग कटारे, सियाराम दुबे, भूरे रजक, कैलाश, वीरन, हरचरन, राजेश, लखन, बल्देव, अनंदी, नरेन्द्र, नन्दलाल, जानकी, श्रीराम, दीपक, कुंजीलाल, मुन्नी मौजूद रहे।

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