सरोकार की मीडिया

test scroller


Click here for Myspace Layouts

Friday, September 21, 2012

हकीकत से रूबरू हो मुख्यमंत्री महोदय


हकीकत से रूबरू हो मुख्यमंत्री महोदय
जैसा कि सभी को ज्ञात है कि आने वाली 28 तारीख को उत्तर प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जी का ललितपुर जिले में आगमन होने जा रहा है। जनता के लिए बडे़ हर्ष की बात है कि पहली बार मुख्यमंत्री पद का पदभार ग्रहण करने के उपरांत ललितपुर जिले में पहली बार उनका आगमन हो रहा है। इसके बावजूद मैं और मेरी जैसी सोच रखने वाले लोग खुश नहीं है। इसके मूलभूत कारण बहुत से हैं, पहला तो यह कि यदि उनको आना था तो औचित्य ही आना था पहले से सूचना देकर आने का कोई सरोकार नहीं बनता है। क्योंकि जितने भी सरकार विभाग हैं वो अपनी-अपनी अनिमिताओं को छुपाने के लिए लीपा-पोती की तैयारी कर चुके हैं ताकि उन विभागों के उच्च अधिकारी मुख्यमंत्री के कोप का भाजन बनने से बच सके। दूसरा जो आज मैंने देखा जिससे मुख्यमंत्री जी शायद अनभिज्ञ ही रह जाए, क्योंकि वह तो हवाई यात्रा करते हैं, मलाईदार चिकनी सड़कों से होकर गुजरना होता है। वह क्या जान पाएंगे कि जिन सड़कों से होकर उनका काफिला गुजर रहा है वहां दो-तीन दिन पहले 6-7 इंच के बड़े-बड़े गड्ढे़ हुआ करते थे। जिनको मुख्यमंत्री जी के आगमन की सूचना मिलते ही रातों रात काम लगाकर, चिकना करवा दिया गया है। मुख्यमंत्री जी यह बताने का कष्ट करेंगे कि इसकी हकीकत क्या है, आप तो हवाई यात्राओं में मसगुल रहते है, सहना पड़ता है आम जनता को, जो बड़े-बड़े गड्ढ़ों पर अपनी जान हथेली पर रखकर चलते हैं क्योंकि क्या पता कौन-सा गड्ढ़ा उनकी मौत का कारण बन जाए। जिसकी तरफ लगभग एक-डेढ़ साल से किसी उच्च अधिकारी का ध्यान नहीं गया कि आने-जाने के लिए मार्गों को सही करवाया जाए। इसके पीछे भी बहुत से लोगों का हाथ है, जो सड़के पांच-छः साल अच्छी तरह चलती है वो ही सड़के एक बारिस के बाद पापड़ जैसी निकल आती है और अपने पीछे छोड़ जाती है बड़े-बडे़ गडढ़ों का मौतगाह।
यह सब भ्रष्टाचार और धंधली को उजागर करता है कि किस तरह जनता के पैसों को यह उच्च अधिकारी अपनी तिजौरी में भरने का काम करते हैं। रही बात जांच की तो कोई दूध का धुला नहीं है जो जांच के आदेश दे सके।
मेरा मुख्यमंत्री जी से यह अनुरोध है कि वह शहर की सड़कों और आस-पास मौजूदा साफ-सफाई के दिखावे पर मत जाए, और वास्तव में हकीकत को देखना हो तो सिद्धन रोड़, डेम रोड़, आजादपुरा रोड़, तालाबपुरा रोड़ और कैलगुवां रोड़ पर आकर स्वयं देखें तो हकीकत से खुद-ब-खुद रूबरू हो जाएंगे, कि आम जनता को क्या-क्या परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अगर आप इनकी परेशानियों को नजरअंदाज करके और उच्च अधिकारियो द्वारा बरती जा रही अनिमित्ताओं पर बिना कोई कार्रवाही करके चले गय,े तो कहीं ऐसा न हो कि जिस तरह से पूर्व सरकार को एक सिरे से खारिज कर दिया गया कहीं आगामी चुनाव में आपके साथ भी वैसा न हो। इसलिए चेत जाए और स्वयं महसूस करें कि वास्तव में हकीकत क्या है? और उसका समाधान करने का प्रयास करें।

No comments:

Post a Comment