सरोकार की मीडिया

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Thursday, January 5, 2012

दोस्ती करना इतना आसान है

दोस्ती करना इतना आसान है

दोस्ती करना इतना आसान है
जैसे माटी पर माटी से माटी लिखना,
लेकीन प्यार निभाना इतना मुश्किल है
जैसे पानी पर पानी से पानी लिखना ................
लोग कहते है हमे आदत है मुस्कुराने की ..........
लेकिन वो नहीं जानते यह अदा है गम छुपाने की .........................
लोगो ने तो फूलों से मोहब्‍बत की,
काँटों को किस ने याद किया,
हमने तो काँटों से मोहब्‍बत की
क्योंकि फूलों ने हमको बर्बाद किया ...........................
लोग कहते हैं हमें आदत है मुस्कुराने की ..........
लेकिन वो नहीं जानते यह अदा है गम छुपाने की ...........................
हम न होते तो ग़जल कौन कहता,
तुम्हारे खिले चहरे को कमल कौन कहता,
यह तो करिश्‍मा है मोहब्‍बत का
वर्ना पत्थर को ताजमहल कौन कहता .................
हर दिन के बाद रात आती है,
हर मौत के बाद बहार आती है,
जिंदगी चली जाती है दुल्हन बनकर,
जब मौत लेकर बारात आती है .......................
साथी हो तो आंशु भी मुस्कान होते हैं,
अगर न हो तो महल भी शमशान होते हैं,
साथी का ही तो खेल है सारा,
वर्ना डोली और अर्थी सामान होते हैं.................
गुलाब की खुशबू में कांटे पला करते हैं,
चंदन की महक में साँप पला करते हैं,
हर हँसी को ख़ुशी मत समझो,
हर ख़ुशी में आंशु भी पला करते हैं ............
मेरी रात तेरे दिन से अच्‍छा होगा,
मेरा इकरार तेरे इनकार से अच्‍छा होगा,
अगर यकींन आये तो डोली से झाककर देखना
मेरा जनाजा तेरी बारात से अच्‍छा होगा ,
किसी की जिंदगी में आती है बहार,
तो किसी को चमन तक नहीं मिलता,
किसी की कब्र में बनता है ताजमहल,
तो किसी को कफ़न तक नहीं मिलता.......................
ख्वाब देखे भी नहीं और टूट गए,
वो हमसे मिले भी नहीं और रूठ गए,
मैं जागता रहा और दुनिया सोती रही,
बस बारिस थी जो रात भर रोती रही ................
सुना है वो जाते हुए कहे गए कि,
अब तो हम सीरफ तुम्हारे सपनो में आयेगे,
कोई कह दे उनसे कि,
वो वादा तो करें,
हम जिंदगी भर के लिये सो जायेंगे ........

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